{100+} Doctor Patient Hindi Jokes – डॉक्टर मरिज हिंदी चुटकुले

Hindi Jokes

एक मनोचिकित्सक जब अपने क्लीनिक पहुंचा तो
उसने वहां दो मरीजों को पाया।

एक छत से उल्टा लटका हुआ था
जबकि दूसरा ऐसा अभिनय कर रहा था कि
जैसे वह कुल्हाड़ी से लकड़ियां काट रहा हो।

डॉक्टर ने अभिनय करने वाले से पूछा –
यह आदमी उल्टा क्यों लटका हुआ है ?

उसने हंसते हुए बताया –
वह बेवकूफ समझता है कि वह बल्ब है।

डॉक्टर बोला – तुम उसे फौरन नीचे उतारो।

आदमी – उसे नीचे उतार दूं तो फिर मैं क्या
अंधेरे में लकड़ियां काटूंगा …..?


नए-नए डॉक्टर ने अपने जीवन का पहला ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के थोड़ी देर बाद ही मरीज मर गया ।

डॉक्टर ने दीवार पर टंगी भगवान की तस्वीर की
ओर हाथ जोड़कर सिर झुकाते हुए पूरी
श्रध्दा से कहा – हे प्रभु,

मेरी ओर से यह पहली भेंट स्वीकार कीजिए ……


90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई।
इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं,
यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी।
सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए
फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए
ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह
स्थिति को संभाल सके।

शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया ।
डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया –
आप लोग चिंता मत करें ।

दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा ।
उन्हें कुछ नहीं होगा, मेरी गारंटी है।

डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए ।
कुछ देर इधर – उधर की बातें कीं फिर बोले – दादाजी,
मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं।
आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।

दादाजी बोले – अच्छा ! लेकिन मैं इस उमर में
इतने पैसों का क्या करूंगा ।
पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा,
आधी रकम मैंने तुझे दी।

इतना सुनते ही डॉक्टर साहेब को
दिल का दौरा पड़ गया और
वे धम से जमीन पर गिर पड़े.


मरीज : डॉक्टर साहब, क्या कोई ऐसी दवाई
नहीं बनी है कि मैं मर भी जाऊं तो
बाद में जीवित हो जाऊं ?

डॉक्टर : दवाई तो नहीं बनी है,
पर आप एकता कपूर से
कान्टेक्ट कर सकते हैं ।


एक डॉक्टर साहब एक पार्टी में गए ।
अपने बीच शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को
पाकर लोगों ने उन्हें घेर लिया।
किसी को जुकाम था तो किसी के पेट में गैस।
सभी मुफ्त की राय लेने के चक्कर में थे।
शिष्टाचारवश डॉक्टर साहब किसी को मना नहीं कर पा रहे थे।

उसी पार्टी में शहर के एक नामी वकील भी आए हुए थे।
मौका मिलते ही डॉक्टर साहब वकील साहब के
पास पहुंचे और उन्हें एक ओर ले जाकर बोले – यार !

मैं तो परेशान हो गया हूं।
सभी फ्री में इलाज कराने के चक्कर में हैं।
तुम्हें भी ऐसे लोग मिलते हैं क्या ?

वकील साहब – बहुत मिलते हैं ।

डॉक्टर साहब – तो फिर उनसे कैसे निपटते हो ?

वकील साहब – बिलकुल सीधा तरीका है ।
मैं उन्हें सलाह देता हूं जैसा कि वो चाहते हैं।
बाद में उनके घर बिल भिजवा देता हूं।

यह बात डॉक्टर साहब को कुछ जम गई ।
अगले रोज उन्होंने भी पार्टी में मिले कुछ लोगों के
नाम बिल बनाए और उन्हें भिजवाने ही वाले थे कि
तभी उनका नौकर अन्दर आया और बोला –
साहब, कोई आपसे मिलना चाहता है ।

डॉक्टर साहब – कौन है ?

नौकर – वकील साहब का चपरासी है ।
कहता है कल रात पार्टी में आपने
वकील साहब से जो राय ली थी
उसका बिल लाया है …….


मनोचिकित्सक बंता खत्री,
मानसिक रोगी संता मजूमदार की जांच कर रहे थे।

डा. बंता – मान लो,
इस वक्त यदि एक रेलगाड़ी तुम्हारी तरफ
तेजी से आ रही हो, तो तुम क्या करोगे ?

संता – मैं अपने हेलीकॉप्टर में बैठूंगा और
फुर्र से उड़ जाऊंगा ।

डा. बंता – तुम्हारे पास हेलीकॉप्टर कहां से आएगा ?

संता – वहीं से, जहां से तुम्हारी रेलगाड़ी आएगी ……………. !


एक सज्जन एक अत्याधुनिक हॉस्पीटल में पहुंचे
जहां मस्तिष्क प्रत्यारोपित किए जाते थे।

उसने वहां के डॉक्टर से आदमी के दिमाग की कीमत पूछी।

डॉक्टर ने बताया – आम आदमी के दिमाग की कीमत 1 लाख रुपए है।
वैज्ञानिक के दिमाग की कीमत है 5 लाख रुपए
और नेता के दिमाग की 10 लाख रुपए।

नेता के दिमाग की कीमत इतनी ज्यादा क्यों ?
आदमी ने पूछा।

एकदम कोरा जो रखा है, कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया! –
डॉक्टर ने जवाब दिया।


पहला दोस्त – तुम्हारी बीबी के दांतों का दर्द ठीक हुआ कि नहीं ?

दूसरा दोस्त – हां, डॉक्टर को दिखाते ही ठीक हो गया।

पहले दोस्त ने हैरानी से पूछा – अच्छा, कौन सी दवा से ?

दूसरे दोस्त ने बताया – दवा वगैरा कुछ नहीं। बस,
डॉक्टर ने बताया कि यह बुढ़ापे की निशानी है,
और उस दिन के बाद उसने दर्द की शिकायत ही नहीं की।


फ़ोन की घंटी बज़ी और डॉक्टर साहब
जल्दी से तैयार होकर जाने लगे .
उनकी पुत्री ने अपने पिताजी को इतनी
जल्दबाज़ी में जाते देखा तो पूछा
पिताजी इतनी जल्दी मे कहाँ जा रहे हैं .

डॉक्टर साहब बोले — ” अभी-अभी रीगल होटल
रूम न.302 से फ़ोन आया था की
जल्दी से आ जाओ नही तो मेरी जान निकल जाएगी” .

डॉक्टर साहब की पुत्री ने शर्माते हुए कहा —
” ओह नो पापा , वो फ़ोन तो मेरे लिए था ” .


एक औरत बड़ी हड़बड़ी में दंत चिकित्सक के
क्लीनिक में पहुंची।

बोली –
”डॉक्टर साहब! मैं बहुत जल्दी में हूं।
मुझे एक जरूरी मीटिंग में जाना है
इसलिये एनस्थीसिया (निश्चेतक) मत लगाइये और
जल्दी से दांत बाहर निकाल दीजिये।”

डॉक्टर ने मन ही मन कहा –
”कमाल की बहादुर औरत है!”

फिर उस औरत से बोला – ”ठीक है,
जैसी आपकी मर्जी।
इस कुर्सी पर बैठ जाइये और
बताइये कौनसे दांत में दर्द है।”

औरत ने दरवाजे के पास खड़े
अपने पति को आवाज दी – ”चलो!
डॉक्टर साहब को दांत दिखाओ!”


किसी पागलखाने में संता और बंता नाम के दो पागल थे।
एक दिन जब वे दोनों पागलों के लिये बनाये गये
नहाने के तालाब के किनारे टहल रहे थे कि
अचानक बंता का पैर फिसल गया और
वह पानी में जा गिरा।

उसे तैरना नहीं आता था लिहाजा वह डूबने लगा।
अपने दोस्त को डूबते देख संता
फौरन पानी में कूद गया और बड़ी
मेहनत करके उसे जिन्दा बाहर निकाल लाया।

जब यह खबर पागलखाने के अधिकारी को लगी तो
वह आश्चर्य में पड़ गया। इसका मतलब संता
बिलकुल ठीक हो गया है – उसने सोचा।

सचमुच संता का बहादुरी का कारनामा जिसने
भी सुना उसने यही राय दी कि अब संता ठीक हो गया है।
अब वह पागल नहीं है। अधिकारी ने उसे पागलखाने से
रिहा करने का निश्चय कर लिया।

अगले दिन अधिकारी ने संता को अपने
चेंबर में बुलाया और कहा – ”संता,
तुम्हारे लिये दो खबरें है – एक बुरी और एक अच्छी।
अच्छी खबर यह कि तुम्हें पागलखाने से छुट्टी दी जा रही है
क्योंकि अब तुम्हारी दिमागी हालत बिल्कुल ठीक है।
तुमने बंता की जान बचाने का जो कारनामा किया है
उससे यही साबित होताहै।

बुरी खबर यह है कि बंता ने,
ठीक तुम्हारे उसकी जान बचाने के बाद बाथरूम में
जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
वह मर चुका है।”

संता ने जवाब दिया – ”उसने खुद अपने आपको नहीं लटकाया।
वह तो मैंने ही उसे सूखने के लिये वहां
लटकाया था।
तालाब में गीला हो गया था न ……!”

”….. तो अब मैं घर जा सकता हूं ?”


एक आदमी मनोचिकित्सक के पास गया ।

बोला -”डॉक्टर साहब मैं बहुत परेशान हूं।
जब भी मैं बिस्तर पर लेटता हूं, मुझे लगता है कि
बिस्तर के नीचे कोई है।
जब मैं बिस्तर के नीचे देखने जाता हूं तो
लगता है कि बिस्तर के ऊपर कोई है।
नीचे, ऊपर, नीचे, ऊपर यही करता रहता हूं।
सो नहीं पाता ।
कृपा कर मेरा इलाज कीजिये
नहीं तो मैं पागल हो जाऊंगा।”
डॉक्टर ने कहा – ”तुम्हारा इलाज लगभग दो साल तक चलेगा।
तुम्हें सप्ताह में तीन बार आना पड़ेगा।
अगर तुमने मेरा इलाज मेरे बताये अनुसार लिया
तो तुम बिलकुल ठीक हो जाओगे।”
मरीज – ”पर डॉक्टर साहब,
आपकी फीस कितनी होगी ?”
डॉक्टर – ”सौ रूपये प्रति मुलाकात”
गरीब आदमी था। फिर आने को कहकर चला गया।
लगभग छ: महीने बाद वही आदमी डॉक्टर को
सड़क पर घूमते हुये मिला ।
”क्यों भाई, तुम फिर अपना इलाज
कराने क्यों नहीं आये ?” मनोचिकित्सक ने पूछा।
”सौ रूपये प्रति मुलाकात में इलाज करवाऊं ?
मेरे पड़ोसी ने मेरा इलाज सिर्फ
बीस रूपये में कर दिया”
आदमी ने जवाब दिया।
”अच्छा! वो कैसे ?”
”दरअसल वह एक बढ़ई है।
उसने मेरे पलंग के चारों पाए सिर्फ पांच रूपये
प्रति पाए के हिसाब से काट दिये।”


एक महिला अपने कुत्ते को लेकर जानवरों के
डॉक्टर के पास पहुंची और बोली –

”मेरे कुत्ते को कुछ हो गया है डॉक्टर ।
यह उठ नहीं रहा है …. । कुछ कीजिये। ”
डॉक्टर ने कुत्ते को टेबल पर लिटाया और
उसकी जांच करने बाद बोला –
”आपका कुत्ता मर चुका है।
उसकी नब्ज बन्द हो चुकी है।”
महिला कुत्ते को कुछ ज्यादा ही प्यार करती थी।
वह इस बात को सहज स्वीकार नहीं कर सकी।
बोली – ”नहीं, नहीं डॉक्टर साहब, ये कैसे मर सकता है ?
आप किसी और तरीके से जांच कीजिये प्लीज।”
डॉक्टर दूसरे कमरे में गया और एक बिल्ली के साथ वापस आया।
बिल्ली टेबल पर कूद कर चढ़ गई और उसने
कुत्ते को सूंघना शुरू किया।
सिर से पैर तक कुत्ते को सूंघने के बाद
बिल्ली कूदकर वापस दूसरे कमरे में भाग गई।
”अब ये पक्का है कि तुम्हारा कुत्ता मर चुका है।” डॉक्टर ने महिला से कहा।
महिला ने अंतत: मान लिया कि कुत्ता मर गया है।
बोली – ”शायद आप सही कह रहे हैं।
बताइये आपकी फीस कितनी हुई। ”
”550 रूपये” – डॉक्टर ने जवाब दिया।
महिला को झटका लगा।
”इतना ज्यादा क्यों ?
आखिर आपने किया ही क्या है ?”
”देखिये,” डॉक्टर ने उसे समझाते हुये कहा ”
50 रूपये मेरी फीस है और बाकी
500 रूपये कैट स्कैन के हैं।”


मरीज – ”मुझे अपनी आंखों के सामने धब्बे से दिखाई देते हैं।”

डॉक्टर – ”क्या नये चश्मे से कोई फायदा नहीं हुआ ?”

मरीज – ”हां हुआ है न, अब वो धब्बे ज्यादा साफ दिखाई देते हैं।”


”डॉक्टर ने कहा था कि वह दो
सप्ताह में मुझे पैरों पर खड़ा कर देगा।”

”अच्छा, क्या वह ऐसा कर पाया।”

”हां, उसका बिल चुकाने के लिये
मुझे अपनी कार जो बेचनी पड़ी।”


एक आदमी को सर्दी जुकाम ने बुरी तरह जकड़ लिया ।
उसके डॉक्टर ने उसे कुछ गोलियां दीं पर आराम नहीं मिला।

दूसरी बार डॉक्टर ने उसे कुछ इंजेक्शन दिये
पर उनसे भी कोई फायदा नहीं हुआ।

तीसरी बार जब वह डॉक्टर के पास पहुंचा तो
डॉक्टर ने उससे कहा – ”घर जाओ और गरम पानी से
अच्छी तरह नहाओ।

जैसे ही नहाना खत्म हो तुरंत कूलर
चला कर उसके सामने खड़े हो जाना।”

”लेकिन डॉक्टर, इससे तो मुझे निमोनिया हो जायेगा।”
– मरीज ने प्रतिवाद किया।

”मुझे पता है, ” डॉक्टर ने कहा

”निमोनिया का इलाज मैं कर सकता हूं।”


मरीज – ”डॉक्टर साहब,
क्या आपको यकीन है कि मुझे  मलेरिया ही है ?
दरअसल मैंने एक मरीज के बारे में पढ़ा था कि
डॉक्टर उसका मलेरिया का इलाज करते रहे
और अंतत: जब वह मरा तो पता चला कि उसे टायफाइड था।”

डॉक्टर ”चिन्ता मत करो,
हमारे अस्पताल में ऐसा कभी नहीं होता।
हम अगर किसी का मलेरिया का इलाज करते हैं
तो वह मलेरिया से ही मरता है !”


एक युवती दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंची।
”आपको कहां दर्द है ?” डॉक्टर ने पूछा।
”सब जगह दर्द है। प्लीज मेरी मदद कीजिये ।” युवती ने कहा।
”सब जगह…। क्या मतलब ? जरा साफ साफ बताइये ।” डॉक्टर ने पूछा।

युवती ने ने अपनी तर्जनी से घुटने को छुआ और चिल्लाई –
”ओह, यहां दर्द है।” फिर उसने उंगली से ही
अपने गाल को छुआ और बताया – ”आउच, यहां भी दर्द है।
” फिर उसने अपने कान को छुआ और चीखी –
”यहां भी दुखता है । प्लीज मेरा इलाज कीजिये ।”

डॉक्टर ने कुछ देर तक ध्यानपूर्वक उसका
परीक्षण किया फिर कहा – ”आपकी उंगली टूट गई है।”


एक आदमी की तबीयत खराब हुई और वह
डॉक्टर के पास जांच कराने के लिये पहुंचा।
डॉक्टर ने उसकी पूरी जांच की और उससे कहा –
”तुम्हारे लिये बहुत बुरी खबर है। तुम मरने वाले हो और
तुम्हारे पास अब बहुत ही कम वक्त है।”

”ओह नहीं । कितना वक्त और है मेरे पास ? ” मरीज ने पूछा।

”10 ….” डॉक्टर ने कहा।

”10 ? 10 क्या ? 10 महीने ? 10 हफ्ते ? क्या ? !”
मरीज ने व्यग्रता से कहा।

”10…. 9…… 8….. 7……”


एक मरीज से, जिसे एक गंभीर ऑपरेशन के बाद
अभी अभी होश आया ही था, डॉक्टर ने कहा –
”मुझे लगता है कि तुम्हारा ऑपरेशन दुबारा करना पड़ेगा।”

”क्यों” – मरीज ने पूछा।

”क्योंकि मेरे रबर के दस्ताने नहीं मिल रहे हैं।
शायद वो तुम्हारे पेट में छूट गये हैं।”

”यदि केवल रबर के दस्तानों के लिये आप
दुबारा ऑपरेशन करने जा रहे हैं तो
प्लीज मत कीजिये।
मैं आपको उनकी कीमत अदा कर दूंगा।”

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