कहते है न कि हत्यारा सबसे बड़ा अपराधी होता है और जो अपराध करता है वो कुछ न कुछ सबूत अपने पीछे छोड़ ही जाता है, लेकिन कई बार लोग अपने इरादों को इतनी चालाकी से अंजाम देते है की उनकी शिनाख्त करना नामुमकिन सा बन जाता है| हमारे देश में एक-दो नही कई बार ऐसे हत्याकांड हुए हैं जिन्होंने की सभी को झकझोर के रख दिया और काफी पुरजोर कोशिशो के बावज़ूद भी कोई अंतिम निष्कर्ष नही निकला | ये हत्याकांड आज तक रहस्य बने हुए है|

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तो आइये नज़र डालते हैं  ऐसे ही कुछ Mysterious Murder Cases पर:

 

14 . De La Haye Murder Case

15 अक्टूबर 1919 की रात को नेविंगटन हाउस के प्रिंसिपल “दे ला हाय” की हत्या कर दी गयी | किसी के खिलाफ कोई सबूत अथवा गवाह नहीं होने के कारण इसके लिए पुलिस द्वारा एक भी गिरफ्तारी नहीं की गयी | यह हत्याकांड उस समय का सबसे बड़ा स्केंडल था और आज तक एक रहस्य बना हुआ है |

13. Shivani Bhatnagar Murder Case

द इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार शिवानी भटनागर का मर्डर मीडिया द्वारा भारत के इतिहास का सबसे ज्यादा कवरेज़ पाने वाला केस था | 1999 में शिवानी भटनागर की हत्या के तीन साल बाद, 2002 में दिल्ली पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी IPS ऑफिसर रविकांत शर्मा को पकडे जाने से पहले उसने खुद ही सरेंडर कर दिया | जाँच के दौरान उसने और कुछ अन्य साथियों ने क़ुबूल किया कि बड़े बड़े राजनेताओं के साथ अपने संबंधों के उजागर होने के डर से उसने शिवानी की हत्या की, लेकिन 2011 में सबूतों के अभाव में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इन आरोपियों को बाइज्जत बरी किया गया |

12. Beer-Man

2006-07  के दौरान दक्षिण मुंबई में एक सीरियल किलर द्वारा सात लोगो की हत्या कर दी गयी और प्रत्येक शव के पास से एक बीयर की बोतल बरामद होने के कारण इस केस को बीयर मैन के नाम से जाना गया | सबूतों के न होने के कारण ये हत्याकांड आज तक एक रहस्य बना हुआ है |

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11. Lakshmikanthan Murder Case

अपने दोस्त के घर से लौट रहे फ़िल्मी पत्रकार लक्ष्मीकान्तन को 8 नवंबर 1944 को कुछ लोगों द्वारा दबोच लिया गया और अगले दिन किडनी डैमेज के कारण इनकी मौत हो गयी | पुलिस ने छः लोगों को गिरफ्तार किया और पूछताछ की, जोकि बाद में निर्दोष साबित हुए और आज तक कोई अन्य आरोपी नही पकड़ा गया |

10. StoneMan Murders

1989  में एक सीरियल किलर द्वारा कलकत्ता में लगभग 6 महीनो में 13 लोगों पत्थर द्वारा नृशंस हत्या कर दी गयी | कोई भी व्यक्ति आज तक इसके आरोप में नही पकड़ा गया है और एक रहस्यमयी हत्याकांड के रूप में यह केस जाना जाता है |

09. Rijwanur Rehman Murder Case

एक मिडल क्लास कंप्यूटर ट्रेनर रिजवानुर रहमान ने जाने माने इंडस्ट्रियल अशोक टोड़ी की बेटी से प्यार करने के बाद शादी की |  2007 में कोलकाता में रेलवे ट्रेक के पास इनकी लाश बरामद हुई , जिसे कि पुलिस द्वारा आत्महत्या का केस बताया गया लेकिन 2010 में कोलकाता हाई कोर्ट ने इसे मर्डर केस बताकर री-ओपन कराया | लोगों और मीडिया के द्वारा इसे एक ऑनर किलिंग का केस कहा गया और यह केस अब भी CBI की इन्वेस्टिगेशन में चल रहा है |

08. Lalit Narayan Mishra Blast Case

1973-75 के दौरान भारत के रेलमंत्री रहे ललित नारायण मिश्रा की 1975 में समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके में मौत हो गयी | लगभग 40 साल तक चले इस केस में CBI द्वारा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कीये जाने के कारण मुल्ज़िमों को रिहा कर दिया गया |

07. Amar Singh Chamkila Murder Case

संगीत की दुनिया का एक शानदार कलाकार और पंजाब का एक बेहतरीन स्टेज परफोर्मर अमर सिंह चमकीला , उनकी पत्नी और एक अन्य साथी कलाकार की 8 मार्च 1988 को दिनदहाडे बाइकसवार गैंग ने गोलियों से भून दिया | तीनो लोगो की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी | उस समय चमकीला की पत्नी गर्भवती थीं | कुछ का कहना था की यह काम आतंकवादीयों का है तो कुछ ने अन्य संगीत कलाकारों को इसका दोषी ठहराया | किसी को भी इस केस के सम्बन्ध में गिरफ्तार नही किया गया और यह केस अभी तक एक रहस्य बना हुआ है |

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06. Rajiv Dixit

राजीव दीक्षित जी से कौन परिचित नहीं है ? भारत में स्वदेशी आन्दोलन को बढ़ावा और आजादी बचाओ आन्दोलन की शुरुआत उन्होंने ही की थी | उन्होंने बड़े पैमाने पर विदेशी कंपनियों और उद्योगों में चल रही गड़बड़ियों को उजागर किया | भिलाई में भारत स्वाभिमान यात्रा के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे ३० नवम्बर २०१० को वे देहत्याग गए | कुछ लोग इनकी मृत्यु को हत्या बताते हैं क्यूंकि :

1.) मृत्यु के बाद राजीव जी के शरीर का हल्का नीला पड़ना |

2.) मीडिया का मौन व्रत धारण करना एक दो चैनेलों के आलावा कोई भी मुख्य चैनेल ने राजीव जी की मृत्यु का समाचार प्रसारित नहीं किया

3.) राजीव दीक्षित जी का पोस्ट मार्टम नहीं करना |

4.)उनके शरीर को शेवाग्राम की बजाय पतंजलि लेकर जाया गया |

आप इस बारे में यहाँ अधिक पढ़ सकते हैं : स्त्रोत १  स्त्रोत २

05. Chandrashekhar Prasad

JNU के छात्र और एक बड़े नेता के रूप में उभर रहे चंद्रशेखर प्रसाद की 31 मार्च 1997 को दिनदहाडे कुछ बन्दूकधारी हमलावरों ने हत्या कर दी |किसी भी व्यक्ति को इस केस के सम्बन्ध में गिरफ्तार नही किया गया | कुछ लोगो का मानना है कि इसके पीछे किसी बड़ी राजनैतिक पार्टी का हाथ था |

04. Lal Bahadur Shastri

भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का ताशकंद (रूस) में निधन हो गया | इसके सम्बन्ध में कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही आई लेकिन उनकी मृत्यु का कारण पॉइजनिंग बताया जाता है | मशहूर जर्नलिस्ट ग्रेगरी क्रोले ने अपनी पुस्तक में इसके पीछे CIA  को जिम्मेदार ठहराया , क्योकि भारत-रूस के परमाणु समझौते और गहरे रिश्तों से अमेरिका नाखुश था |

03. Sunanda Pushkar

ट्विटर पर पाकिस्तानी महिला पत्रकार मेहर से वाद-विवाद होने के एक दिन बाद केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर कि पत्नी का शव लीला पैलेस होटल से बरामद हुआ | शुरूआती रिपोर्ट्स केअनुसार इसे आत्महत्या का केस बताया गया जबकि AIMS के डॉक्टर्स ने इनके शरीर पर चोट के निशान और दवाइयों के अधिक सेवन की पुष्टि की और बाद में जाकर 6 जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने इसे हत्या का केस बताया लेकिन इसके संबद्ध में किसी को गिरफ्तार नही किया गया | यह हत्या अब भी रहस्य बन हुई है |

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02. Sheena Bora

शीना बोरा के लापता होने के तीन साल बाद उसकी बहन इन्द्राणी मुखर्जी ( जोकि बाद में पता चला कि शीना की माँ थी ) को शीना की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया गया | इसका खुलासा शीना के भाई मिखाइल ने किया | इन्द्राणी , उसका पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर ने शीना की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े करके उन्हें सूटकेस में डालकर गाडी को जंगल में जाकर जला दिया | बाद इसके उसने मिखाइल को भी जहरीली शराब का सेवन कराके मारने की कोशिश की | इन्द्राणी ने अपने पति स्टार इंडिया के CEO पीटर मुखर्जी से शीना और मिखाइल को अपने भाई-बहन के रूप में परिचय कराया था |

01. Arushi-Hemraj Murder Case

16 मई 2008 को चौदह वर्षीय आरुशी का मृत शरीर उसके कमरे से बरामद किया गया | उसके अगले दिन मुख्य आरोपी माने जा रहे नौकर हेमराज का शव भी घर की छत पर मिला, इसके बाद आरुशी के माता पिता पर दोनों की हत्या का केस चलाया गया | उसके बाद यह केस CBI को सौंपा गया | यहाँ भी दो बार अलग-अलग टीमों द्वारा जाँच किये जाने पर दो बिलकुल अलग नतीजे सामने आये | पहली टीम द्वारा हेमराज के कुछ साथीयों पर नार्को टेस्ट किया गया जिसमे उन्होंने आरोप क़ुबूल किया और आरुशी के माता पिता (राजेश-नुपुर ) ने नार्को टेस्ट पास किया और दूसरी टीम द्वारा माँ बाप को ही मुख्य आरोपी ठहराया गया |