(100+) Teacher Student Jokes in Hindi – छात्र अध्यापक जोक्स हिन्दी में

टीचर- जवानी और बुढ़ापे

में क्या फ़र्क होता है..

बच्‍चा- जवानी में मोबाइल में

हसीनों के numbers होते हैं

और बुढ़ापे में हकीमों के…..


टीचर क्लास में- दिल्ली में ‘कुतुब मीनार’ है..

पप्पू क्लास में सो रहा था..

टीचर ने उसे जगाया और पूछा –

बता मैंने अभी क्या बोला..

पप्पू- दिल्ली में ‘कुत्ता बीमार’ है.


टीचर:- जल्दी जल्दी

सब कुछ सुना नहीं तो

चड्डी उतार कर मारूँगा

सांता:- सर,

ग़लती तो मैने की है आप चड्डी क्यूँ उतर रहे हो??


अध्यापक -तुम बडे मुर्ख हो बालक ,
मै तुम्हारी उम्र मे अच्छी तरह किताब पढ लेता था |

छात्र – श्रीमान आपको अच्छा मास्टर मिल गया होगा?


अध्यापक ने कपिल से कहा – जो काम तुमने नहीं किया ,
उसके लिए तुम्हें सजा नहीं दी जाएगी |

कपिल – धन्यवाद सर !
आज में होमवर्क करना भूल गया हूं |


एक छात्र ने गणित के अध्यापक से कहा – सर !
अंग्रेजी के अध्यापक तो अंग्रेजी में बातें करते है |
आप भी गणित में बात क्यों नहीं करतें ?

गणित अध्यापक – ज्यादा तीन पांच न कर फोरन नौ -दो ग्यारह हो जा ,
नहीं तो चार पांच रख दूगां तो छठी का दूध याद आ जाएगा |


शिक्षक ने क्लास में लडके की कॉपी जांचते हुए

उससे कहा- मुझे आश्चर्य होता है कि
तुम अकेले इतनी सारी गल्तियां करते हों ?

लडके ने खडे होकर कहा – यह सब गल्तियां
मैंने अकेले नहीं की हैं ,
मेरे पिता जी ने भी इसमें मुझे मदद दी है |


अध्यापक – तुम कैसे सिद्ध करोगे कि
साग-पात खाने वाले की निगाहें तेज होती है |

छात्र – सर , आज तक किसी ने बकरे या
घोडे को चश्मा लगाते देखा है क्या ?


अध्यापक ( छात्रों से ) – अगर न्यूटन पेड़ के नीचे नहीं बैठते और

उनके सिर के ऊपर सेब नहीं गिरता तो

गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत हमें कैसे पता चलता |

.

.

.

्छात्र – सर ! बिलकुल सही कहा आपने ,

अगर न्यूटन हमारी तरह क्लास में बैठकर

इसी तरह किताब पढ़ रहे होते तो वो भी

कोई आविष्कार नहीं कर पाते |


संगीत के अध्यापक ने अपने एक छात्र से पूछा-

तुम किस ताल के विषय में अधिक जानते हो ?

छात्र ने तुरंत उत्तर दिया – सर !
में हडताल के विषय में अधिक जानता हुं |


अध्यापक – बोलो बच्चों गंगा नदी
पटियाला से निकलती है |

भावना (छात्रा ) – सर नहीं गंगा नदी
पटियाला से नहीं निकलती |

प्रिंसिपल – महोदय आप भी कैसे अध्यापक है |
गंगा नदी पटियाला से नहीं गंगोत्री से निकलती है |

अध्यापक – प्रिंसिपल महोदय , गंगा नदी पटियाला से ही
निकलती है तथा तब तक निकलती रहेगी ,
जब तक मेरी सात महीने की तनखाह नहीं मिल जाती |


अध्यापक – रोहन , अगर तुम्हारे पास पंद्रह सेब हों

जिनमें से छः तुम निर्मला को दे दो ,

चार सुनिता को दे दो और

पांच डौली को दे दो

तो तुम्हें क्या मिलेगा ?

.

.

.

रोहन – सर ! मुझे तीन नई गर्ल्स फ्रेंड़ मिलेगी


अध्यापक – शाबाश दीपक ,
मुझे खुशी है कि तुमने इतने अच्छे अंक लिए |
आगे भी ऐसे ही अच्छे अंक लेना |

दीपक – अच्छा सर ,
पर आप भी परचे भाई साहब के
प्रेस में छपवाते रहिएगा |


अध्यापक ने परीक्षा में चार पृष्ठों का
निबन्ध लिखने को दिया –

विषय था- “आलस्य क्या हैं ?

एक विद्यार्थी ने तीन पृष्ठों को
खाली छोड़ दिया और चौथे पर
बड़े – बड़े अक्षरों में लिखा – “यही आलस्य हैं |”


अध्यापक ने छात्र से पूछा – बताओं बच्चों !
दिन में तारे किस समय दिखाई देते है ?

एक छात्र ने उत्तर दिया – जब तमाचे पडते है |


अध्यापक ने बच्चों से कहा-

बच्चों 2030 में कयामत आएगी |

दुनिया तबाह हो जाएगी …

सब कुछ तबाह हो जाएगा |

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एक बच्चा बोला – सर !
क्या उस दिन हमारे स्कूल की छूट्टी रहेगी ?


अध्यापक ने छात्र से पूछा – तुम्हारे पिताजी का क्या नाम है ?

छात्र ने उत्तर दिया – बेटा मलखान सिंह |

अध्यापक – क्या वह तुम्हारे बेटे है ?

छात्र – नहीं, दादी उन्हें इसी प्रकार कहकर बुलाती है |


अध्यापक ने रमेश से कहा – रमेश !
सोना अधिक कहां होता है ?

रमेश ने कहा – जी ! जहां रातें अधिक
लंबी होती है, वहीं सोना अधिक होता है |


अध्यापक ने (एक नर्सिंग की छात्रा से पूछा ) –
बच्चों के लिए मां का दूध दूसरे दूध की उपेशा
ज्यादा उपयुक्त क्यों माना होता है ?

छात्रा – क्योंकी वह हमेशा ताजा रहता है,
चुराया भी न जा सकता और
नहीं उसे बिल्ली पी सकती है |


अध्यापक ने छात्रों से कहा – जो छात्र स्वर्ग में
जाने की इच्छा रखता है, वह हाथ ऊपर उठाए |

सभी छात्रों ने हाथ उठा दिए मगर
सुरेश ने हाथ ऊपर न उठाए |

अध्यापक – सुरेश !
क्या तुम स्वर्ग में नहीं जाना चाहते ?

सुरेश – नही मास्टर जी |

अध्यापक – क्यों ?

सुरेश – क्योंकि मेरी मां ने कहां था कि
स्कूल से सीधे घर आना, वरना हाथ-पैर तोड़ दूंगी |

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