{ Top 100+} Best Hindi Dard Shayari – श्रेष्ठ हिंदी दर्द शायरी

Quotes

तुम्हारा क्या बिगाड़ा था
जो तुमने तोड़ डाला है ये

टुकड़े मैं नहीं लुंगी
मुझे तुम दिल बना कर दो


बिस्तर बांध लिया है मैंने ग़ालिब

बताओ कहाँ रहते है वो लोग

जो कहीं के नहीं रहते


कभी खुद पे तो कभी हालात पे
हंसी आई तन्हा बैठे बैठे बीती बात पे

हंसी आई वो याद आये तो कुछ पल
तो रोना आया फिर अगले ही
पल मुझे हाल -ऐ- दिल पर हंसी आई


ज़ख़्म ऐसा दिया की कोई दवा काम नहीं आई

आग ऐसी लगाई की पानी से भी बुझ ना पायी

आज भी रोते है उनकी याद में जो छोड़ कर चले गए

और उन्हें हमारी याद तक ना आई


बारिश हुई तो फूलों के तन छाक हो गए

मौसम के हाथ भीग के सफाक हो गए

मौसम को क्या खबर है की बारिश की

चाह में कैसे बुलंद-ओ-बाला शजर ख़ाक हो गए


हर जख्म किसी ठोकर की मेहरबानी है

मेरी जिंदगी बस एक कहानी है

मिटा देते सनम के दर्द को सीने से

पर ये दर्द ही उसकी आखिरी निशानी है


तेरे नाम की थी जो रोशनी
उसे खुद ही तुमने बुझा दिया ना

जला सकी जिसे धुप भी उसे
चांदनी ने जला दिया हूँ

गर्दिशों में घिरा हुआ मुझे
अब अपनी खबर नहीं

वो जो शख्स था मेरा रहनुमा
उसे रास्तों में गँवा दिया


जो नहीं आता उसका इंतजार क्यों होता है

किसी के लिए अपना ये हाल क्यों होता है

वैसे तो इस दुनिया में काफी चीजे प्यारी है

जो नहीं मिलता उसी से प्यार क्यों होता है


जाने किस मोड़ पर ले आई है

जिंदगी बंद है दरीचे तमाम
ना कोई किनारा दिखाई दे

नहीं मालूम उल्फत की है कौन सी
मंजिल की तेरे सिवा अब ना
हमें गुजारा दिखाई दे


ऐ खुदा किसी को ऐसी जिंदगी ना दे

जिंदगी दे तो यूँ बेबसी ना दे

दिल में रहे सदा चाहतें यार के

मिलन की पर ना हो सके मुलाकात
उनसे ऐसी कोई मज़बूरी ना दे


ऐ सुबह मैं अब कहाँ रहा हूँ ख्वाबों ही में

सर्फ़ हो चूका हूँ सब मेरे बगैर मुतमइन है

मैं सब के बगैर जी रहा हूँ


दिल ही तो है संग-ओ-ख़िश्त दर्द से भर ना

आये क्यों रोयेंगे हम हज़ार बार कोई हमें
सताए क्यों देर नहीं हराम नहीं डर नहीं
आस्तां नहीं बैठे है रहगुजर पे

हम गैर हमें उठाये क्यों


दिल टूटेगा तो फरियाद करोगे तुम भी

हम ना रहे तो हमें याद करोगे तुम भी

आज कहते हो हमारे पास वक़्त नहीं पर

एक दिन मेरे लिए वक़्त बर्बाद करोगे तुम भी


दिल्लगी में दिल को हम कैसा रोग लगा बैठे

जिंदगी को छोड़ क्यों मौत को गले लगा बैठे

हमने समझा था दिल लगाकर दिल को चैन मिलेगा

ऐसी लगी चोट की दिल को बेदर्द से दर्द लगा बैठे


हमने माना की तग़ाफ़ुल ना करोगे लेकिन

ख़ाक हो जायेंगे हम तुमको खबर होने तक

परतवे -ऐ-खुर से है शबनम को फना की

तालीम मैं भी हूँ एक इनायत की नजर होने तक


रोने से कभी किसी को कुछ हासिल नहीं होता

जो बिछड़ जाये वो साथी नहीं होता

दुसरो की तो हम महफ़िल सजाते रहते है

पर हमारी तन्हाई में कभी कोई शामिल नहीं होता


आज भी बहता है उसका दिया हुआ जख्म

मैं चाह कर भी उसे सील ना पाया

बस कहने के लिए ही जिन्दा हूँ

मैं तो यारों पर मर्जी के साथ कभी जी नहीं पाया


हमारी तन्हाई मिटाने के लिए कौन आएगा

इन रोती हुई आँखों को चुप कराने कौन आएगा

किसी को अब जरुरत ही नहीं है हमारी

दोस्तों सोचते है अगर मर गए तो दफ़नाने कौन आएगा


तुझसे अब और मोहब्बत नहीं की जा सकती

खुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती

जानते है यकीन टूट रहा है दिल पर

फिर भी अब तर्क ये वहशत नहीं दी जा सकती


यूँ तो हम दुश्मनो के काफिलों से
सर उठा कर गुजर जाते है

खौफ तो अकसर अपनों की
गलियों से गुजरने में लगता है

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