क्यों भटकता है व्यक्ति ख्याति और नौकरी के लिये ? Why We Frustrated for Job and Success life?

जैसा की आप जानते है की  व्यक्ति जब पैदा होता है तो उस व्यक्ति के लिये जीवन मे किये जाने वाले कार्य निश्चित कर दिये जाते है | वह जो कार्य जन्म के साथ लेकर आता है उनमे अगर भटकाव पैदा हो जाता है तो व्यक्ति आजीवन उन्ही कारणो मे भटकता रहता है और जो स्थान उसे प्राप्त करनी होती है वह नही कर पाता है | उसे भटकाव के कारण उसी प्रकार से फ़िर से जन्म लेकर आना पडता है और उन्ही उद्देश्यों की पूर्ति के लिये फ़िर से प्रयास शुरु करने पडते है। नौकरी के लिये तीन भाव देखे जाते है पहला दूसरे भाव और राशि को देखा जाता है,जो रोजाना के कामो को करने के बाद नगद धन प्राप्त करता है,दूसरा छठे भाव को देखा जाता है जो प्राथमिक शिक्षा को पूरा करने के बाद से ही शुरु हो जाता है,और रोजाना की जरूरतो को पूरा करने के लिये लोगो के लिये सेवा से सम्बन्धित काम करने के लिये अपनी गति को प्रदान करता है तीसरा दसवे भाव को देखा जाता है जो उच्च शिक्षा को प्राप्त करने के बाद नौकरी करने के लिये अपनी गति को प्रदान करता है,आप इन भावो को www.astrobhadauria.com के माध्यम से जान सकते है पढ सकते है !

प्रस्तुत कुंडली मे मकर लगन है,सूर्य लगन मे स्थापित है जातक के अन्दर एक अहम है कि वह सरकारी आदमी बनकर दिखायेगा या इस प्रकार के परिवार मे पैदा हुया है जो सरकारी कार्य आदि दिमाग से करने के लिये जाना जाता है यह भावना पैदा होने वाले माहौल से प्राप्त होती है और …

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