भारत मे कितने मौसम होते है – How Many Seasons Are There In India

पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है/ The Earth is tilted on its axis और इस पर ही गति करती हैं। दो चीजें ऋतुओं को बदलने का कारण बनती हैं। सबसे पहले पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। दूसरा पृथ्वी का घूर्णन अक्ष झुका हुआ है।पृथ्वी एक अक्ष के चारों ओर घूमती है। जब यह अपने अक्ष पर घूर्णन गति करती है तो हमारी प्रकृति के मौसम में बदलाव आता है। मौसम को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया गया है जो कि सर्दी, गर्मी और मानसून है।आज हम आपको इस Seasons in Hindi पोस्ट में Information About Seasons in Hindi 6 ऋतुओं के नाम और जानकारी के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां पर हम पूरी कोशिश करेंगे कि आपको मौसम की जानकारी (Mausam ki Jankari) की पूरी मिल जाये।

वसंत ऋतु -Spring Season

Vasant Ritu में न ही ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा सर्दी होती है। इसलिए इसे सभी ‘ऋतुओं का राजा’ भी कहा जाता है। वसंत ऋतु का मौसम बड़ा ही सुहाना और सबका प्रिय मौसम होता है। इस मौसम में बिलकुल भी नमी नहीं होती है, इस मौसम में सुहानी हवा चलती है। ये ऋतु हमारे शरीर को ताजा महसूस करवाती है। इस मौसम के दौरान दिन लंबा और रात छोटी हो जाती है।इस ऋतु का प्रारम्भ माघ मास की शुल्क पक्ष की पंचमी को होता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार ये मार्च और अप्रैल में आती है। इस मौसम के दौरान ही भारत के मुख्य त्यौहार होली का भी आगमन होता है। यह मौसम पृथ्वी के समस्त जीवों का दिल जीत लेती है।

वसंत ऋतु में त्यौहार

  • गुडी पडवा (Gudi Padwa)
  • वसंत पंचमी
  • होली (Holi)
  • रामनवमी (Ram Navami)
  • हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti)
  • बैसाखी
  • परशुराम जयंती
  • अक्षय तृतीया
  • महाशिवरात्रि

ग्रीष्म ऋतु -Summer Season

इस मौसम को गर्मियों का मौसम (Grishma Ritu) भी कहा जाता है। यह मौसम अंग्रेजी महीने के हिसाब से अप्रैल से जून तक चलता है। जबकि ये मौसम हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वैसाख के शुक्ल पक्ष के मध्य से शुरू होता है और ज्येष्ठ आषाढ़ तक चलता है |
इस मौसम की रातें बहुत छोटी है जबकि दिन लम्बे होते हैं। इस मौसम (Summer Season Hindi) में सूर्य का प्रकाश बहुत चमकीला होता है और सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती है, जिससे पृथ्वी की तालाब और नदियां सुख जाती है। पृथ्वी के समस्त जीवों के लिए यह मौसम कष्टदायक है। इस मौसम में आम, तरबूच, लीची, अंगूर, ककड़ी और खीरा जैसे मज़ेदार और रसदार फल पाये जाते है।

ग्रीष्म ऋतु में त्यौहार

  • भगवान बुद्ध जयंती
  • निर्जला एकादशी
  • वट सावित्री व्रत
  • देवशयनी एकादशी
  • गंगा दशहरा

वर्षा ऋतु -Varsha Ritu

गर्मिओं के मौसम में बहुत गर्मी बहुत पड़ती है, जिसके कारण सभी तालाब, कुएं सुख जाते हैं और धरती प्यास से तपने लगती है। लेकिन जब ये मौसम समाप्त हो जाता है और वर्षा ऋतु (Rainy Season) का प्रारम्भ हो जाता है, तो इस मौसम में वर्षा की ठंडी बूंदे तपती धरती की प्यास बुझाती है और सभी सूखे तालाब और कुओं को पानी से भर देती है। वर्षा हो जाने से सभी को तपती गर्मी से राहत मिल जाती है।इस मौसम का समय जून और अगस्त का होता है। हिन्दू महीने के अनुसार इस ऋतु का समय आषाढ़ से सावन तक का होता है। इस मौसम में सभी किसान वर्षा की सम्भवना को देखकर खुश हो जाते हैं और इस मौसम में धान और जूट की फसलें पकने लगती है। पूरी धरती हरी हरी सी लगती है।

वर्षा ऋतु में त्यौहार

  • योग दिवस (21 जून)
  • संत कबीर की जयंती
  • जगन्नाथपूरी रथ यात्रा
  • गुरुपूर्णिमा
  • रक्षाबंधन
  • कृष्ण जन्माष्टमी

शरद ऋतु – Autumn Season

इस मौसम में हमें पूरा असमान साफ़ और नीला दिखाई देता है, गर्मी कम हो जाती है। शरद मौसम में आकाश में सभी दिशाओं में सफ़ेद बादल छाये रहते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि वह एक दूसरे से खेल रहे हैं। इस मौसम में हर दिशा में खुशहाली छाई रहती है। इस मौसम को पतझड़ (Autumn) ऋतु भी कहा जाता है।इस मौसम में हमें सुबह-सुबह घास पर मोतियों जैसी ओस की बूंदे देखने को मिलती है और इस मौसम में सब्जियों की भी बहुत पैदावार होती है। यह ऋतु (Ritu in Hindi) अगस्त महिने में शुरू होती है और अक्टूबर तक चलती है। हिन्दू महीनो में इसका समय भाद्रपद से आश्विन तक होता है।

शरद ऋतु में त्यौहार

  • शरद नवरात्रि प्रारंभ
  • विजयदशमी
  • गणेश चतुर्थी
  • हरतालिका तीज

हेमंत ऋतु -Hemat Season

इस ऋतु में मौसम बहुत ही सुहावना हो जाता है और इस मौसम में ठण्ड बढ़ने लग जाती है। जब ये ऋतु समाप्त होती है तो ठंड बहुत बढ़ जाती है। अर्थात् सर्दियों के पहले जो मौसम आता है उसे Hemant Ritu कहा जाता है।ये मौसम अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य आता है। हिन्दू महीनो में इसका समय कार्तिक से पौष तक का रहता है। इस मौसम के जाते जाते ठण्ड बहुत ही बढ़ जाती है और सर्दी का मौसम शुरू हो जाता है।

हेमंत ऋतु में त्यौहार

  • अहोई अष्टमी
  • नरक चतुर्दशी
  • महालक्ष्मी पूजन
  • गोवर्धन पूजा
  • दिवाली
  • भाईदूज
  • गोपाष्टमी
  • तुलसीविवाह
  • गुरू नानक जयंती
  • छठ पूजा

शीत ऋतु -Winter Season

इस मौसम को शिशिर ऋतु भी कहा जाता है। इस मौसम के दौरान सबसे ज्यादा सर्दी पड़ती है और कहीं-कहीं पर तो बर्फ भी पड़ना शुरू हो जाती है। पहाड़ी इलाके बर्फ की सफ़ेद चादर से ढक जाते हैं। सभी मौसम में से इस मौसम में ही सबसे ज्यादा ठण्ड पड़ती है।
यह मौसम दिसम्बर से लेकर फरवरी तक चलता है, जिसके चलते इतनी सर्दी होती है कि लोग अपने घर से बाहर भी नहीं निकल पाते। हिन्दू महीनो में इसका समय माघ से फाल्गुन तक होता है। इस मौसम में विभिन्न फल, फूल और सब्जियां उपलब्ध होते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते है।

शीत ऋतु में त्यौहार

  • लोहड़ी त्यौहार
  • गुरू गोविन्द सिंह जयंती
  • वसंत पंचमी
  • मकर संक्रांति
  • पोंगल
  • गणतंत्र दिवस
  • क्रिसमस

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