395 भारतीय दंड संहिता की धारा 395 Indian Penal Code section Act 395

आइये देखते हैं दोस्तों ज्यादातर यह सुनने में आता है कि कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ (with family) अपनी गाड़ी से घर जा रहा था और अकस्मात उनको कुछ लोगों ने रास्ते में डरा विस्फोट कर (by threatening) रोक लिया व उनसे सारा सामान लूट लिया। इन दिनों ऐसी आपराधिक घटनाएँ बहुत दिखाई व सुनाई दे रही है। अगर कोई व्यक्ति इस तरह के   अपराध का शिकार होता है या ऐसा अपराध करता है। तो उसके लिए भारतीय न क्या सजा   दिया गया है। हम आज के लेख द्वारा ऐसे ही अपराध की धारा के बारे में आपको आसान    भाषा में बताएंगे। और जानेंगे आईपीसी (IPS) की धारा 395 क्या है, ये धारा कब और किस   क्राइम (Crime) में लगती है? IPC 395 के मामले में सजा (Punishment) और जमानत कैसे मिलती है।यदि कोई व्यक्ति किसी को डरा धमका कर लूटता है या इस तरह का कोई भी अपराध (Crime) करता है तो भारतीय कानून में ऐसे अपराधों (Crime) के लिए बहुत ही कड़ा दंड (strict punishment)देखने को मिलते है। साथ ही ऐसे अपराधों के बारे में लोगों के मन मैं बहुत से सवाल होते है। इसलिए आज के लेख द्वारा हम आपको आईपीसी सेक्शन 395 से जुड़े सभी सवालों का जवाब (Answer) आपको देंगे, इसलिए इस लेख को पूरा पढ़े।धारा 395 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाती है व अपराधी पाये जाने पर दंडित (Punishment) भी किया जाता है। आईपीसी धारा 395 कब लगती ह(When does IPC section 395 apply)

धारा 395 के तहत डकैती (robbery) का अपराध तब माना जाता है जब इनमें से निम्न बाते शामिल होती है। जो इस प्रकार है:-
• डकैती (robbery) करने के इरादे से डरा धमका (bully) कर किसी व्यक्ति को लूटा गया हो।
• लूट के समय पाँच या उसे अधिक व्यक्ति शामिल होने चाहिए।
• अगर कोई अकेला (alone) व्यक्ति लूटता है तो उसे डकैती नहीं माना जाएगा।

  IPC 392 और IPC 395 में अंतर (Difference           between IPC 392 and IPC 395)

  • धारा 392 :- जो कोई भी व्यक्ति किसी के घर में जाकर या दिन-दहाड़े लूट-पाट करेगा वह धारा 392 के तहत लूट-पाट (robbery) का अपराधी होगा। जिसमें अपराधी अकेला होता है या 4 से कम  होते है। यदि आप लूट-पाट (robbery)की धारा 392 के बारे में खुलकर जानना चाहते है तो हमारे धारा 392 के लेख को इस लिंक सा हम पढ़ सकते है।
    धारा 395 :- धारा 395 के तहत डकैती के अपराधियों (criminals) को दण्ड किया जाता है। डरा धमका कर डाट कर किसी व्यक्ति से उसका सामान को लुटते है और लुटने की घटना में यदि 4 या 5 से अधिक अपराधी (criminals) शामिल होते है तो वह डकैती कहलाती है।
    धारा 395 में सजा (Punishment in section 395)

IPC Act 395 के तहत जो कोई भी डकैती करने का अपराध करता है। ऐसे व्यक्तियों को        पुलिस के द्वारा पकड़े जाने पर जज का पास कोट में पेश किया जाता है। मुक़दमे के            द्वारा  दोषी पाये जाने पर अपराध (criminals) की गंभीरता को देखते हुए दोषी व्यक्तियों       को 10 वर्ष से लेकर पूरी जिंदगी जेल व जुर्माने से दंडित (punishment) किया जा सकता        है।

IPC Section 395 में बचाव के लिए सावधानियां (Precautions to be taken in IPC Section 395)

डकैती (robbery) जैसे अपराध में लूट-पाट की घटना का कोई भी शिकार हो सकता है। लेकिन कुछ मामलों में देखने को मिलता है कि कुछ लोग दोषी ना होते हुए भी डकैती जैसे गंभीर अपराध के आरोपी बन जाते है। क्योंकि उन्हें इस तरह के अपराध व इसके बचाव के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती। अब हम जानते है IPC Dhara 395 में बचाव का बारें मैं कुछ बातों ।
• कभी-भी किसी ऐसे व्यक्ति के साथ कही भी ना जाए जो डकैती या लूट-पाट जैसे अपराधों में पहले से ही शामिल रहता हो।
• रात के समय किसी भी आशय से किसी दूसरे की गाड़ी को रोकने का प्रयास बिल्कुल भी ना करें। ऐसा करने पर वो व्यक्ति आपकी शिकायत पुलिस में कर सकता है।
• पब्लिक (Public) मार्ग जहाँ से लोगों का आना जाना रहता हो उस रास्ते पर अपने वाहन (Vehicle) को बीच में लगाकर किसी को भी रोकने का अपराध करने का कार्य बिल्कुल भी ना करें।
• शराब पीकर गाड़ी ना चलाए व रास्ते में किसी के साथ भी झगड़ा (fight) ना करें। यदि आपकी गाड़ी को कोई गलत तरीके से रास्ते में रोकने की कोशिश करता है तो गाड़ी की स्पीड़ (speed) बढ़ाकर वहां से निकल सकते है


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