जानिए केदारनाथ मंदिर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी 🚩Kedarnath Temple introduction and History

आप क्या जानेंगे -

भारत गढ़वाल हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर में दुनिया भर से लाखों हिंदू आते हैं। यह मंदिर, जो हमारे आराध्य भगवान शिव को समर्पित (Dedicated) है और 12 ज्योतिर्लिंगों (भगवान शिव के दिव्य प्रतीकों) में   से एक माना जाता है, का निर्माण आठवीं शताब्दी (century) में आदि (etc) शंकराचार्य द्वारा किया गया था।  भगवान शिव ने “काशी विश्वनाथ” नामक एक बड़े मंदिर परिसर में अपना लौकिक नृत्य किया, जिसमें कभी केदारनाथ भी शामिल था। केदारनाथ समय के साथ हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण (important)तीर्थ स्थल और धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित (advance) हुआ है। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में, 3 जून, 2018 को अत्यधिक बारिश से अचानक आई बाढ़ ने मंदिर को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया। घाटियों (Valleys)में अत्यधिक भारी बारिश हुई।

केदारनाथ किसका अवतार है ? Whose incarnation is Kedarnath?

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग विष्‍णु के अवतार नर नारयण द्वारा तप और आराधना से प्रकट और स्‍थापित (Established) हुए हैं।

केदारनाथ शिवलिंग अलग क्यों है ? Why Kedarnath Shivling is different?

यहां की प्रतिकूल जलवायु(Climate) के कारण यह मंदिर अप्रैल से नवंबर महीने का बिच मैं  दर्शन के लिए खुलता है। प्राचीन काल की  कथा के अनुसार हिमालय के केदार श्रृंग पर भगवान विष्णु के अवतार महँ तपस्वी  नर और नारायण ऋषि तपस्या करते थे। उनकी उपासना (WORSHIP) से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और ज्योतिर्लिंग के रूप में हमेशा रहे का वरदान दिया

केदारनाथ के पीछे क्या है ? (What is behind Kedarnath ?)

केदार नाथ के पीछे एक शिला है जिसका नाम  भीम शिला है ये शिला आज भी केदारनाथ के पीछे आदि गुरु शंकराचार्य की समाधी (mausoleum) के पास उपस्थित्त है।

केदारनाथ मंदिर के पीछे पत्थर कैसे आया ? How did the stone come behind Kedarnath temple?

जब  हमारे भारत मैं प्रलय आया था उस समय पत्थर की इस शिला ने बाढ़ के पानी और उसके साथ मै आने वाले बड़े पत्थरों को रोककर केदारनाथ मंदिर की रक्षा कर रहे थे  लोगों के अनुसार केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवों ने किया था उस रात भी मंदिर को बचाने के लिए महाबली भीम ने अपनी गदा को चट्टान के रूप में मंदिर के पीछे स्थापित (established) कर दिया था।

केदारनाथ कौन से पहाड़ पर है ? Kedarnath is on which mountain  ?

केदारनाथ (Kedarnath) या केदारनाथ मुख्य (Kedarnath Main) और केदारनाथ डोम (Kedarnath Dome) या केदार डोम (Kedar Dome) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के उत्तरकाशी ज़िले में गढ़वाल हिमालय के गंगोत्री समूह में स्थित दो पर्वत हैं। भारत मैं जो  केदारनाथ मुख्य गंगोत्री समूह के दक्षिणी हिस्से मैं सबसे बड़ा पर्वत है और केदारनाथ डोम तीसरे नंबर पर सबसे ऊँचा।

केदारनाथ का दूसरा नाम क्या था ? What was the other name of kedarnath ?

शिव की  जो भुजाएं है  तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में प्रकट हुए। इसलिए इन चार स्थानों सहित श्री     केदारनाथ को पंचकेदार कहा जाता है।

केदारनाथ की खोज किसने की थी ? Who discovered Kedarnath

केदारनाथ को आदि शंकराचार्य द्वारा खोजा गया था , जिसने इस पवित्र स्थान की श्रेष्ठ्ता को फिर से स्थापित किया था ।

केदारनाथ की पैदल चढ़ाई कितनी है ?How much is the trek to Kedarnath?

केदारनाथ मंदिर की ओर जाने वाली जो  सड़कें  है  वो केवल गौरी कुंड तक फैली हुई हैं। उसके बाद मैं आपको,पवित्र मंदिर केदारनाथ मंदिर की ओर चड़ने का लिए 16 किमी की चढ़ाई करनी होगी। केदारनाथ ट्रेक मंदाकिनी नदी के तट पर बहुत ही  खूबसूरती और प्राकृतिक रूप से बनाया गया है। इन दोनों के बीच में आपको कुछ छोटे आश्रय स्थल भी मिलते हैं।

केदारनाथ कौन से महीने में जाना चाहिए? Kedarnath should be visited in which month?

हमे केदारनाथ कब जाना चाहिए ? केदारनाथ आने के लिये  हमे मई से लाकर  अक्टूबर के बीच का समय अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान मौसम भी काफी सही  रहता है। भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ के मूल निवासी भी सर्दियों में पलायन कर जाते हैं। वैसे भी केदारनाथ मंदिर केवल गर्मियों में ही खोला जाता है।

केदारनाथ की पैदल चढ़ाई कितनी है? How much is the trek to Kedarnath?

केदारनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सड़कें केवल गौरी कुंड तक फैली (extends) हुई हैं। गौरी कुंड  के  बाद, आपको  हमारे पवित्र मंदिर मैं  केदारनाथ मंदिर की ओर 16 किमी की चढ़ाई करनी होगी। केदारनाथ ट्रेक मंदाकिनी नदी के तट पर खूबसूरत और स्वाभाविक तरीके से बनाया गया है। इसके बीच में आपको जगह जगह कुछ छोटे छोटे आश्रय स्थल (place for shelter) भी मिलते  हैं

केदारनाथ क पीछे क्या है ? What is behind kedarnath?

केदार नाथ के पीछे एक शिला है जिसका नाम  भीम शिला है ये शिला   आज भी केदारनाथ के पीछे आदि गुरु शंकराचार्य की समाधी (mausoleum)के पास उपस्थित्त है।

केदारनाथ मंदिर के पीछे पत्थर कैसे आया? How did the stone come behind Kedarnath temple?

जब प्रलय आया था उस समय पत्थर की इस शिला ने बाढ़ के पानी और उसके साथ आने वाले बड़े पत्थरों को रोककर केदारनाथ मंदिर की रक्षा करी थी।  लोगों के अनुसार केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवों ने करवाया था। उस रात भी मंदिर को बचाने के लिए महाबली भीम ने अपनी गदा को चट्टान के रूप में मंदिर के पीछे स्थापित (established) कर दिया था।

केदारनाथ कौन से पहाड़ पर है? Kedarnath is on which mountain?

केदारनाथ (Kedarnath) या केदारनाथ मुख्य (Kedarnath Main) और केदारनाथ डोम (Kedarnath Dome) या केदार-डोम (Kedar Dome) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के उत्तरकाशी ज़िले में गढ़वाल हिमालय के गंगोत्री समूह में स्थित दो पर्वत हैं। केदारनाथ मुख्य गंगोत्री समूह के दक्षिणी भाग का सबसे बड़ा पर्वत है और केदारनाथ डोम तीसरा सबसे ऊँचा।

केदारनाथ का दूसरा नाम क्या था ? What was the other name of kedarnath?

शिव की भुजाएं तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मद्महेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में प्रकट हुए। इसलिए इन चार स्थानों सहित श्री केदारनाथ को पंचकेदार कहा जाता है।

केदारनाथ की खोज किसने की थी? Who discovered Kedarnath?

केदारनाथ को आदि शंकराचार्य द्वारा खोजा गया था , जिसने इस पवित्र स्थान की श्रेष्ठ्ता को फिर से स्थापित किया था ।

केदारनाथ की पैदल चढ़ाई कितनी है? How much is the trek to Kedarnath?

केदारनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सड़कें केवल गौरी कुंड तक फैली हुई हैं। उसके बाद, आपको पवित्र मंदिर केदारनाथ मंदिर की ओर 16 किमी की चढ़ाई करनी होगी। केदारनाथ ट्रेक मंदाकिनी नदी के तट पर खूबसूरती और प्राकृतिक रूप से बनाया गया है। इसके बीच में आपको कुछ छोटे आश्रय स्थल भी मिलते हैं।

केदारनाथ कौन से महीने में जाना चाहिए? Kedarnath should be visited in which month?

केदारनाथ कब जाएं? केदारनाथ आने के लिये मई से अक्टूबर के मध्य का समय आदर्श माना जाता है क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुखद रहता है। भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ के मूल निवासी भी सर्दियों में पलायन कर जाते हैं। वैसे भी ये मंदिर केवल गर्मियों में ही खुलता है

केदारनाथ की पैदल चढ़ाई कितनी है? How much is the trek to Kedarnath?

केदारनाथ मंदिर की ओर जाने वाली सड़कें केवल गौरी कुंड तक फैली (extends) हुई हैं। उसके बाद, आपको पवित्र मंदिर केदारनाथ मंदिर की ओर 16 किमी की चढ़ाई करनी होगी। केदारनाथ ट्रेक मंदाकिनी नदी के तट पर खूबसूरती और स्वाभाविक रूप से बनाया गया है। इसके बीच में आपको कुछ छोटे छोटे आश्रय स्थल (place for shelter) भी मिलते हैं।

 


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