क़ुतुब मीनार के रोचक तथ्य और इतिहास Qutub Minar History In Hindi

भारत में कई ऐतिहासिक मीनारे इमारते और समारके हैं भारत का प्रतिष्ठित वास्तुशिल्प वैभव अपने स्वर्ण अतीत की एक उत्तम मिसाल है। इतिहास के सम्राटों ने उन शास्त्रीय अवशेषों के रूप में अपने शासन की छाप छोड़ दी जो उनके राजा के बारे में बहुत कुछ बोलते हैं। अगर आप भारत में स्थित अलग-अलग स्मारकों पर गौर करें तो एक बात जो और सामने आती है वो यह है इन इमारतों की शैली, जिनमें अलग-अलग सभ्यताओं और संस्कृतियों की झलक देखने को मिलती है। तो आज हम आपको भारत के सबसे ऊँची और नायाब इमारत के बारे में बताएँगे | भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार एशिया की सबसे ऊंची मीनार है। यह मुगलकालीन वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है, जो कि भारत की सबसे भव्य और मशहूर ऐतिहासिक इमारतों और मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। हमें  अपनी इस धरोहरों पर गर्व महसूस होता हैं।

क़ुतुब मीनार (Qutub Minar) की बनावट और इसको किसने बनाया 

क़ुतुब मीनार भारत में पत्थर से बनी सबसे ऊंची मीनार है। इसका निर्माण कुतुब-उद-दीन ऐबक द्वारा शुरू किया गया, यह लंबा स्मारक उसके दामाद शमसुद-दीन-इल्तुतमिश द्वारा पूरा हुआ। लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी इस मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है। इसके आर्कषण की वजह से इसे यूनेस्को की विश्व धरोहरों की लिस्ट में भी शामिल किया गया है। ये इमारत 12वीं-13वी सदी के बीच में बनी थी |

क़ुतुब मीनार का इतिहास – Qutub Minar History In Hindi

  • भारत की सबसे ऊंची मीनार कुतुब मीनार (Qutub Minar) दिल्ली के महरौली इलाके में छत्तरपुर मंदिर के पास स्थित है | यह विश्व की दूसरी सबसे ऊंची मीनार है, जिसका निर्माण 12वीं और 13वीं शताब्दी के बीच में कई अलग-अलग शासकों द्धारा करवाया गया हैं।
  • 1193 ईसवी में दिल्ली के गुलाम वंश के शासक कुतुबुधीन ऐकब द्वारा कुतुब मीनार का निर्माण काम शुरु करवाया गया था। उन्होंने कुतुबमीनार की नींव रख बस इसका बेसमेंट और पहली मंजिल बनवाई थी।
  • कुतुबुद्धीन ऐबक के शासनकाल में इस भव्य इमारत का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका था, जिसके बाद कुतुब मीनार की इमारत का निर्माण दिल्ली के सुल्तान एवं कुतुब-उद-दिन ऐबक के उत्तराधिकारी और पोते इल्तुमिश ने करवाया था, उन्होंने इस ऐतिहासिक इमारत मीनार की तीन और मंजिलें बनवाईं थी।
  • 1508 ईसवी में आए भयंकर भूकंप की वजह से कुतुब मीनार की इमारत  काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी | बाद में इसकी मरम्मत सिकंदर लोदी द्वारा करवाई गई |
  • इस भव्य मीनार के निर्माण में लाल बलुआ पत्थर और मार्बल का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें अंदर गोल करीब 379 सीढ़ियां हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि कुतुबमीनार की अदभुत इमारत जाम की मीनार से प्रेरित होकर बनाई गई थी।
  • इस अद्भुत कुतुबमीनार के निर्माण में मुगलकालीन वास्तु शैली का इस्तेमाल किया गया है। मध्यकालीन भारत में बनी इस इमारत को मुगल काल की वास्तुकला की सबसे सर्वश्रेष्ठ इमारत भी माना जाता है, क्योंकि वास्तुकारों और शिल्पकारों ने छोटी-छोटी बारीकियों को ध्यान में रखकर इस मीनार की बेहद खूबसूरत नक्काशी की है। दिल्ली में स्थित मुगल काल में बनी कुतुबमीनार  एक बहुमंजिला इमारत हैं, जिसकी 5 अलग-अलग मंजिल हैं, जिसमें हर मंजिल के सामने एक बॉलकनी भी बनी हुई है।
  • एशिया की इस भव्य इमारत के पत्थरों पर बनी कुरान की आयतें कुतुबमीनार की सुंदरता को चार चांद लगाती हैं और इसके आर्कषण को और अधिक बढ़ाने का काम करती हैं।
  • देश की सबसे ऊंची मीनार का इस्तेमाल पहले मस्जिद की मीनार के रुप में किया जाता था, और वहीं से अजान दी जाती थी, हालांकि बाद में यह एक पर्यटन स्थल के तौर पर मशहूर हो गया। भारत की इस खूबसूरत इमारत के आधार का व्यास करीब 14.3 मीटर और सबसे ऊंचे शीर्ष का व्यास 2.7 मीटर है।
  • हिन्दुस्तान की पहली मस्जिद कुव्वत-उल-इस्लाम,मशहूर अलाइ दरवाज़ा, इल्तुतमिश का मकबरा समेत एक लौह स्तंभ भी है |

 

 

 

 

 

 


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