आज हम जानेंगे की अपने जीवन में खुश कैसे रहें 😊 Today we will know how to be happy in our life ?

हम जीवन में जो भी काम करते हैं, वह खुशी पाने के लिए (To find happiness) करते हैं, पर दुर्भाग्य से खुश रहना बहुत मुश्किल (Very difficult) काम लगता है। हमें लगता है कि खुश रहने के लिए कुछ खास तरह की परिस्तिथि (Special circumstances) होनी चाहिए, तभी हम खुश रह सकते हैं। पर ऐसा नहीं है। कुछ सरल से उपाय जिन्हें अपना कर हर हाल में, हम खुश रह सकते (We can be happy) हैं। जब आप बुनियादी रूप से खुश होते हैं, जब आपको खुश रहने के लिए कुछ करना नहीं पड़ता, तो आपके जीवन के हर आयाम में परिवर्तन आ जाएगा। आपके अनुभवों में और खुद को व्यक्त करने के तरीकों में परिवर्तन (Change in methods) आ जाएगा। आपको पूरी दुनिया बदली हुई लगेगी। आपका अब कोई निहित स्वार्थ नहीं होगा क्योंकि चाहे आप कुछ करें या न करें, चाहे आपको कुछ मिले या न मिले, चाहे कुछ हो या न हो, आप स्वभाव से ही आनंदित होंगे (Will be happy) जब आप अपने स्वभाव से ही खुश होते हैं, तो आप जो भी करेंगे, वह बिल्कुल अलग ही स्तर पर होगा।

एक खुशहाल जीवन के लिए साधन  Tools for happy life

1. पहचानें कि खुशी आपकी मूल प्रकृति है
Recognize that happiness is your core nature

इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता कि आप अपने जीवन में क्या कर रहे हैं, चाहे वह कारोबार हो, सत्ता, शिक्षा या सेवा, आप ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आपके भीतर कहीं गहराई में एक भावना है कि इससे आपको खुशी मिलेगी। इस धरती पर हम जो कुछ भी करते हैं, वह खुश रहने की इच्छा से करते हैं, क्योंकि यह हमारी मूल प्रकृति है। जब आप बच्चे थे, तो आप यूं ही खुश थे। वही आपकी प्रकृति है। खुशी का स्रोत आपके भीतर है, आप उसे हमेशा के लिए एक जीवंत अनुभव बना सकते हैं।

2. ध्यान रखें कि खुश रहना आपकी बुनियादी जिम्मेदारी है
Keep in mind that being happy is your life basic responsibility

किसी इंसान की पहली और सबसे जरुरी जिम्मेदारी एक खुशमिजाज प्राणी होने की है। खुश रहना जीवन का चरम पहलू नहीं है। यह जीवन का बुनियादी पहलू है। यदि आप खुश नहीं हैं, तो आप अपने जीवन में क्या कर सकते हैं ? एक बार आप खुश हों, तभी दूसरी महान संभावनाएं खुलती हैं।

3. चीजों का महत्व पहचानें  Appreciate things

दुःख मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर इंसान इस जीवन के प्रति सही नजरिया को खो बैठे हैं। उनकी मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया अस्तित्व की प्रक्रिया से काफी बड़ी हो गई है या सीधे-सीधे कहें तो आपने अपनी रचना को स्रष्टा की सृष्टि से कहीं अधिक जरुरी बना दिया है। यह सारी पीड़ा का बुनियादी स्रोत है। हम इस बात की पूरी समझ खो बैठे हैं कि यहां जीवित रहने के क्या मायने हैं। आपके दिमाग में आया कोई विचार या आपके मन की कोई भावना फिलहाल आपके अनुभव की प्रकृति को तय करती है। और यह भी हो सकता है कि आपके विचार और भावना का आपके जीवन की सीमित हकीकत से कोई लेना-देना न हो। पूरी सृष्टि बहुत बढ़िया तरीके से घटित हो रही है पर सिर्फ एक विचार या भावना सब कुछ नष्ट कर सकती है।

4. मन से अपने बुनियादी अस्तित्व की ओर बढ़ें
Move from the mind to basic your basic being

हम जब किसी आध्यात्मिक प्रक्रिया की बात करते हैं, तो हम मन से अपने बुनियादी अस्तित्व की ओर जाने की बात करते हैं। जीवन का संबंध इस सृष्टि से है जो यहां उपस्तिथ है – उसे पूरी तरह जानना और उसके सही रूप में उसका अनुभव करना, अपने मनमुताबिक उसे विकृत न करना – ही जीवन है। यदि आप अस्तित्व की हकीकत की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो आसान शब्दों में आपको बस इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो आप सोचते हैं, वह जरुरी नहीं है, जो आप महसूस करते हैं, वह जरुरी नहीं है। आप जो सोचते हैं, उसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उसका जीवन के लिए कोई बड़ा महत्व नहीं है। मन बस उन फालतू चीजों में उलझा रहता है, जो आपने कहीं और से इकट्ठा किया है। अगर आपको वह जरुरी लगता है, तो आप कभी उसके परे नहीं देख पाएंगे

5. मन या दिमाग को उसके असली रूप में देखें
See the mind or mind as it really is

जिसे आप ‘मेरा मन’ कहते हैं, वह सही में आपका नहीं है। आपका अपना कोई मन नहीं है। कृपया इस पर ध्यान दें।जिसे आप ‘मेरा मन’ कहते हैं, वह बस समाज का कूड़ेदान है। कोई भी और हर कोई जो आपके पास से गुजरता है, वह आपके दिमाग में कुछ न कुछ डाल जाता है। आप वाकई यह चुन नहीं सकते कि किससे आपको चीजें ग्रहण करनी हैं और किससे नहीं करनी। यदि आप कहते हैं, ‘मुझे यह व्यक्ति पसंद नहीं है’, तो आप किसी भी और से ज्यादा उस इंसान से ग्रहण करेंगे। आपके पास कोई चारा नहीं है। यदि आपको इस बात की जानकारी हो कि उसे ठीक करके कैसे इस्तेमाल करना है, तो यह कूड़ेदान उपयोगी हो सकता है। असर और जानकारी का यह ढेर, जो आपने जमा किया है, वह सिर्फ दुनिया में जीवित रहने के लिए उपयोगी है। आप कौन हैं, इससे उसका कोई संबंध नहीं है।


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