हार्ट अटैक आने पर क्या करना चाहिए 😨 What to do in case of heart attack ?
जब दिल का दौरा (Heart attack) पड़ता है तो कोई भी लाचार और बेबस महसूस करता है। लेकिन,अगर आप या फिर आपके आसपास उपस्तिथ लोगों को पहले से फर्स्ट एड के बारे में जानकारी हो, तो वे किसी की भी जान बचा सकते हैं। यदि दिल तक पर्याप्त खून न पहुंचे, तो अचानक दिल का दौरा पड़ सकता है। तो अगर हम उसी टाइम तुरंत एक्शन ले लें, तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है। तो चलिए जानें कि दिल का दौरा पड़ने पर किसी की जान को कैसे बचाया जा सकता है (How to save someone’s life in case of heart attack) ?
लक्षणों को पहचानें Recognize the symptoms
दिल के दौरे के लक्षणों को आप जितनी जल्दी समझ पाओगे, उतना ही आपके बचने की उम्मीद जायदा बढ़ेंगी। सीने में दर्द, बेचैनी, सीने में दबाव महसूस करने के अतिरिक्त पुरुषों और महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण अगल दिख सकते हैं। और जो भी लोग डायबिटीज़ जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनमें भी इसके कुछ अलग लक्षण हो सकते हैं। इसमें पाचन में समस्या, मतली, भयानक कमज़ोरी, सांस लेने में परेशानी या फिर बीमारी महसूस करना सम्मलित है।
एस्पिरिन लें Take aspirin
यदिआप हार्ट अटैक के लक्षण को फील कर रहे हैं, तो ऐम्बुलेंस को बुलाने के तुरंत बाद अगर आपके पास एस्पिरिन है, तो 325 एमजी की एक डोज़ का आपको सेवन करना चाहिए। यदि आपके पास मे 81 एमजी की टैब्लेट्स हैं, तो आपको चार खा लेनी चाहिए। एस्पिरिन लेने से आपको यह फायदा रहेगा की यह आपकी धमनियों के अंदर बनने वाले रक्त के थक्के को तोड़ने में काफी सहायता करती है, जो दिल के दौरे के समय धमनी में रक्त के प्रवाह को रोकता है। अगर आप डॉक्टर से पूछे तो वह भी इसे निगलने के बजाय चबाने की आपको सलाह देते हैं, ताकि यह आपके सिस्टम में तेज़ी से प्रवेश कर सके।
चाहे जैसे लक्षण हों, ऐम्बुलेंस बुलाएं
Call an ambulance regardless of symptoms
आपको डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं, कि आप ऊपर बताए गए लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो भले ही आप को पूरा पता न हो कि यह दिल का दौरा है या नहीं, फिर भी आपको तुरंत ही एक ऐम्बुलेंस को कॉल करना चाहिए। बहुत सारे मरीज़ इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करते हैं और जब तक वे अस्पताल पहुंचते हैं, तब तक उनकी दिल की जो मांसपेशियां होती है वह मर चुकी होती हैं। आपके दिल के दौरे का अनुभव करने और डॉक्टर्स का ब्लॉक्ड आर्टरी को खोलने के बीच गहरा संबंध होता है, यह जितना जल्दी होगा, इसका नतीजा उतना ही अच्छा निकलेगा।
खुद ड्राइव करके न जाएं Don’t Drive yourself
यदि आपको लगता है कि आपको दिल का दौरा पड़ रहा है, तो खुद से ड्राइव करके अस्पताल जाने के बजाय तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करना चाहिए। क्यूंकि आप होश खो सकते हैं और सड़क पर दुर्घटना की समस्या हो सकती है, इसलिए अच्छा यह रहेगा है कि खुद गाड़ी न चलाएं। वहीं, यदि आपके घर या दोस्त को दिल का दौरा पड़ता है, उस स्तिथि मेभी ऐम्बुलेंस बुलाएं, ताकि अगर लक्षण बिगड़ें तो आप मरीज़ की साहयता कर सकें। एम्बुलेंस इस स्थिति में वैसे भी ज़्यादा सहायक साबित होती है, क्योंकि इसमें पैरामेडिक्स उपस्तिथ होते हैं, जो अस्पताल के रास्ते में उपचार के साथ तेज़ी से साहयता भी कर सकते हैं।
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाता है CPR शुरू करें
Begin CPR if the person becomes unconscious
यदि व्यक्ति जिसे दिल का दौरा पड़ रहा है, सांस नहीं ले रहा या आप उसकी पल्स नहीं ढूंढ़ पा रहे, तो CPR शुरू कर दें, ताकि रक्त का संचार जारी रहे। लेकिन पहले आपातकालीन चिकित्सा सहायता या ऐम्बुलेंस बुलाएं, उसके बाद CPR शुरू करें।
आप या फिर आपके आसपास उपस्तिथ लोगों को पहले से फर्स्ट एड के बारे में जानकारी हो, तो वे किसी की भी जान बचा सकते हैं। यदि दिल तक पर्याप्त खून न पहुंचे, तो अचानक दिल का दौरा पड़ सकता है। तो अगर हम उसी टाइम तुरंत एक्शन ले लें, तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है। ऊपर बताये हुए उपचार का प्रयोग कर आप मरीज की साहयता कर सकते हैं|
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