भारतीय प्रसिद खेल खो-खो की सम्पूर्ण जानकारी Complete information about Indian famous game Kho-Kho
खो-खो (Kho – Kho) एक मैदानी खेल (play) है जो भारत (India) में खेला जाता है. इस खेल में दो खम्भे (pilliars) ही पर्याप्त हैं. यह एक अद्वितीय स्वदेशी खेल (unique indigenous game) है, जो युवा लोगों को उत्साह और स्वस्थ संघर्षशीलता (combativeness) देगा. यह खेल प्रतिरक्षकों और पीछा करने वालों से बहुत तंदुरुस्ती(fitness), कौशल (Skill), गति और ऊर्जा की मांग करता है खो खो एक लोकप्रिय भारतीय खेल है जो गति, चपलता (agility) और टीम वर्क की जरूरत है.1959 में खो खो को भारत के राष्ट्रीय खेलों में शामिल किया गया था और तब से यह देश में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है. खो खो खेल 29 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा एक आयताकार (rectangular) मैदान पर खेला जाता है
खो खो की शुरुआत कब और कहां हुई थी ? When and where did Kho Kho start ?
विशेषज्ञों (experts) का मानना है कि खो-खो, जो प्राचीन काल (ancient time) में रथों पर खेला जाता था और राथेरा नाम से जाना जाता था, भारत के महाराष्ट्र राज्य में पैदा हुआ था. खो खो के वर्तमान संस्करण (version) में लोग पैदल खेलते हैं. यह 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुआ था.
खो खो का दूसरा नाम क्या है? What is the other name of Kho Kho?
विशेषज्ञों का मानना है कि खो खो पहले भारत के महाराष्ट्र क्षेत्र में बजाया जाता था और रथों पर बजाया जाता था, जिसे राथेरा (rathera) कहा जाता था.
खो खो के प्रसिद्ध खिलाड़ी के नाम kho kho famous player names
खो-खो खिलाड़ियों- शीर्ष पांच भारत के खो खो खिलाड़ी (players)
| 1. | सतीश राय |
|---|---|
| 2. | सारिका काले |
| 3. | पंकज मल्होत्रा |
| 4. | मंदाकिनी मझी |
| 5. | प्रवीण कुमार |
खो खो कितने मिनट का होता है? Kho Kho is of how many minutes?
प्रत्येक दल को प्रत्येक पारी (each shift) के लिए सात या सात मिनट मिलते हैं, और प्रत्येक दल को निर्धारित (Determined) समय पर अपनी पारी पूरी करनी पड़ती है. जब एक दल का खिलाड़ी खड़ा होता है, दूसरे दल का खिलाड़ी पीछा करने वाले दल के खिलाड़ी को पकड़ने के लिए सीटी बचाते ही दौड़ता है.
खो-खो खेल की शुरुआत भारत के किस राज्य में हुई? Kho-Kho game started in which state of India?
खो-खो खेल का महत्व Importance of Kho-Kho game
खो खो खेलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (disease resistance) बढ़ती है. इस खेल को खेलने से आप फिट रहते हैं और मोटापे (Fat) की बीमारी नहीं होती. इस खेल को खेलने से शरीर चुस्त रहता है.हमारे शरीर पूरी तरह से खो खो खेलने से विकसित होता है
खो-खो खेल को खेलने का तरीका How to play kho kho game
प्रत्येक पारी में दो टर्न खेले जाते हैं, जो नौ मिनट चलते हैं. इसमें टीमें पीछा करती हैं और बचाती हैं. दो पारियों (shifts) के अंत में मैच जीतने वाली टीम है. मैच के अंत में दोनों टीमों के अंक बराबर होते हैं, तो एक अतिरिक्त पारी खेली जाती है ताकि विजेता (winner) का पता लगाया जा सके.
खो-खो किस देश का राष्ट्रीय खेल है? Kho-Kho is the national game of which country?
1959 में खो खो को भारत के राष्ट्रीय खेलों में शामिल किया गया था और तब से यह देश में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है. खो खो खेल 29 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा एक आयताकार मैदान पर खेला जाता है.
खो खो का देवता कौन है? Who is the god of Kho Kho?
खो-खो का संस्थापक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक था. उन्हें भी “लोकमान्य” नाम दिया गया, जो “कोई व्यक्ति जिसे लोग प्यार करते हैं” का अर्थ है. खो भारत में बहुत समय से है, लेकिन बाल गंगाधर तिलक (लोकमान्य भी कहा जाता है) ने खेल की आजादी दी.
खो खो कितने साल का है? How old is Kho Kho?
1914 में पुणे के डेक्कन जिमखाना क्लब ने खेल का आधुनिक रूप बनाया, जिसमें नियम और औपचारिक व्यवस्था दी गई थीं. 1936 के बर्लिन ओलंपिक में खो-खो, अन्य पारंपरिक भारतीय खेलों के साथ खेली गई. 2016 के संस्करण (version) में खेले जाने के बाद यह अब पदक का खेल है दक्षिण एशियाई (South Asian) खेलों में
क्या खो खो में 12 खिलाड़ी होते हैं ?Are there 12 players in Kho Kho?
एक टीम में बारह खिलाड़ी (players), एक कोच, एक प्रबंधक और अन्य सहायक हैं । 9 खिलाड़ी मैच की शुरुआत में मैदान में उतरेंगे (will get down) और विरोधी टीम के तीन डिफेंडर से छुआ जाने से बचने की कोशिश करेंगे.
खो खो की पारी कितने मिनट की होती है? How many minutes is a kho kho innings?
खो-खो के नियम के अनुसार, प्रत्येक पारी में 9 मिनट का समय निर्धारित है. अर्थात 9-9 मिनट छूने और 9-9 मिनट दौड़ने का समय है. यह स्पष्ट है कि एक टीम को दो बार दौड़ने का अवसर मिलता है और खिलाड़ियों को दो बार छूकर (touching) बाहर करना होता है.
खो खो खेल में दौड़ कर छूने वाले को क्या कहते हैं ?What is the person who runs and touches in the game of kho kho called?
धावक” या “रनर” (runner” or “runner”) शब्द धावकों या चेज़रों (chasers)के खिलाड़ी को बताते हैं. खो देना: बैठे हुए धावक (athlete) को पीछे से हाथ छूते ही सक्रिय धावक को ऊँचे बोलकर “खो” देना चाहिए. छूने और ‘खो’ कहने के बीच समय होना चाहिए
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