PM SVANidhi Yojana 2026: रेहड़ी-पटरी वालों को ₹50,000 तक लोन कैसे मिलेगा?
सुबह-सुबह सब्जी की रेहड़ी लगाने वाला दुकानदार हो, सड़क किनारे चाय बेचने वाला व्यक्ति हो, फुटपाथ पर जूते ठीक करने वाला मोची हो या गलियों में घूमकर सामान बेचने वाला फेरीवाला—इन छोटे कामों से देश के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। इन लोगों की सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब व्यवसाय में सामान भरने, ठेला ठीक कराने या काम बढ़ाने के लिए थोड़ी पूंजी की जरूरत होती है। बैंक से सामान्य बिजनेस लोन लेना आसान नहीं होता और निजी उधार पर ब्याज बहुत अधिक हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना, यानी PM SVANidhi Yojana, शुरू की। योजना के अंतर्गत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को बिना संपत्ति गिरवी रखे तीन चरणों में ₹50,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण मिल सकता है। इस लेख में जानेंगे कि पीएम स्वनिधि योजना क्या है, कौन आवेदन कर सकता है, कितना लोन मिलता है, जरूरी दस्तावेज क्या हैं और PM SVANidhi Loan के लिए आवेदन कैसे किया जाता है।
महत्वपूर्ण अपडेट: अब पुराने ₹10,000 और ₹20,000 वाले ऋण चरणों को बढ़ाकर क्रमशः ₹15,000 और ₹25,000 तक कर दिया गया है। तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिलता है। योजना की ऋण-वितरण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।
PM SVANidhi Yojana क्या है?
PM SVANidhi का पूरा नाम Prime Minister Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi है। यह केंद्र सरकार की एक माइक्रो-क्रेडिट योजना है, जिसे 1 जून 2020 को शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन से प्रभावित हुए रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को अपना काम दोबारा शुरू करने के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना था। समय के साथ यह योजना केवल लोन तक सीमित नहीं रही। इसके माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल भुगतान, क्रेडिट इतिहास, प्रशिक्षण और दूसरी सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। अगस्त 2025 में केंद्र सरकार ने योजना के पुनर्गठन और विस्तार को मंजूरी दी। इसके बाद ऋण राशि बढ़ाई गई, डिजिटल कैशबैक में बदलाव किया गया और पात्र लाभार्थियों के लिए UPI से जुड़ा RuPay Credit Card भी शामिल किया गया। पुनर्गठित योजना का कुल परिव्यय ₹7,332 करोड़ है और इसके माध्यम से 1.15 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें लगभग 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं।
| योजना की जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि |
| संक्षिप्त नाम | PM SVANidhi |
| शुरुआत | 1 जून 2020 |
| लाभार्थी | पात्र स्ट्रीट वेंडर्स एवं रेहड़ी-पटरी विक्रेता |
| ऋण का प्रकार | बिना संपार्श्विक गारंटी का कार्यशील पूंजी ऋण |
| पहला ऋण | ₹15,000 तक |
| दूसरा ऋण | ₹25,000 तक |
| तीसरा ऋण | ₹50,000 तक |
| ब्याज सहायता | समय पर भुगतान पर 7% वार्षिक सब्सिडी |
| डिजिटल कैशबैक | अधिकतम ₹1,600 तक |
| RuPay Credit Card | पात्र लाभार्थियों को ₹30,000 तक सीमा |
| योजना की अवधि | 31 मार्च 2030 तक |
| आवेदन माध्यम | पोर्टल, मोबाइल ऐप या Urban Local Body |
योजना की ये विशेषताएं पुनर्गठित PM SVANidhi के अंतर्गत लागू की गई हैं।
पीएम स्वनिधि योजना में कितना लोन मिलता है?
PM SVANidhi में पहली बार आवेदन करते ही ₹50,000 नहीं मिलते। ऋण तीन चरणों में दिया जाता है।
- पहला चरण: ₹15,000 तक : पहली बार पात्र पाए जाने वाले स्ट्रीट वेंडर को अधिकतम ₹15,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण मिल सकता है। इसका इस्तेमाल व्यवसाय के लिए नया सामान खरीदने, रेहड़ी की मरम्मत कराने, कच्चा माल लेने या दैनिक व्यापारिक जरूरतें पूरी करने में किया जा सकता है।
- दूसरा चरण: ₹25,000 तक : पहले ऋण का समय पर भुगतान करने के बाद लाभार्थी अधिकतम ₹25,000 तक के दूसरे ऋण के लिए पात्र हो सकता है।
- तीसरा चरण: ₹50,000 तक: दूसरे चरण का ऋण सफलतापूर्वक चुकाने के बाद पात्र लाभार्थी अधिकतम ₹50,000 तक के तीसरे ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। अगले चरण का ऋण स्वतः नहीं मिलता। इसके लिए पिछला भुगतान रिकॉर्ड, पात्रता और ऋणदाता संस्था की स्वीकृति जरूरी होती है।
PM SVANidhi Loan का लाभ कौन ले सकता है?
यह योजना मुख्य रूप से ऐसे लोगों के लिए है जो सड़क, फुटपाथ, बाजार, अस्थायी दुकान, ठेला या रेहड़ी के माध्यम से सामान बेचते या छोटी सेवाएं प्रदान करते हैं। सामान्यतः निम्न प्रकार के लोग पात्र हो सकते हैं:
- फल और सब्जी बेचने वाले
- चाय और नाश्ता विक्रेता
- स्ट्रीट फूड वेंडर
- कपड़े, जूते या घरेलू सामान बेचने वाले
- फूल और पूजा सामग्री विक्रेता
- खिलौने और छोटे सामान बेचने वाले
- मोची, नाई और धोबी
- फेरी लगाकर सामान बेचने वाले
- ठेला या रेहड़ी चलाने वाले
- दूसरे पात्र शहरी स्ट्रीट वेंडर्स
आवेदक के पास संबंधित Town Vending Committee या Urban Local Body द्वारा जारी Certificate of Vending—CoV अथवा Letter of Recommendation—LoR होना चाहिए। योजना का विस्तार वैधानिक शहरों से आगे जनगणना नगरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
Certificate of Vending क्या है?
Certificate of Vending, यानी विक्रय प्रमाणपत्र, नगर निगम, नगर पालिका या संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा पात्र स्ट्रीट वेंडर को जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। यह प्रमाणित करता है कि संबंधित व्यक्ति उस क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडिंग गतिविधि करता है। कई शहरों में वेंडर्स का सर्वे किया जाता है। सर्वे में दर्ज पात्र विक्रेताओं को Vendor ID या Certificate of Vending जारी किया जा सकता है।
Letter of Recommendation—LoR क्या है?
यदि कोई वास्तविक स्ट्रीट वेंडर सर्वे सूची में शामिल नहीं है या उसके पास Certificate of Vending नहीं है, तो वह संबंधित Urban Local Body से Letter of Recommendation के लिए आवेदन कर सकता है। LoR के लिए वेंडर एसोसिएशन की सदस्यता, स्थानीय स्तर पर वेंडिंग करने का प्रमाण या उपलब्ध अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। स्थानीय निकाय वास्तविकता की जांच भी कर सकता है। LoR मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति PM SVANidhi Loan के लिए आवेदन कर सकता है।
PM SVANidhi Yojana के प्रमुख लाभ
1. बिना संपत्ति गिरवी रखे ऋण
यह collateral-free working capital loan है। इसका मतलब है कि आवेदक को ऋण के बदले अपना मकान, जमीन या अन्य संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती। लेकिन इसे लोन माफी योजना नहीं समझना चाहिए। प्राप्त राशि को बैंक की शर्तों के अनुसार ब्याज सहित वापस करना होता है।
2. समय पर भुगतान पर 7% ब्याज सब्सिडी
लोन की किस्त समय पर या समय से पहले चुकाने वाले पात्र लाभार्थियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी मिलती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि बैंक की ब्याज दर केवल 7 प्रतिशत होगी। बैंक अपनी ब्याज दर तय करता है और पात्र लाभार्थी को योजना के नियमों के अनुसार अलग से ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
3. डिजिटल भुगतान पर ₹1,600 तक कैशबैक
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पात्र स्ट्रीट वेंडर को कुल ₹1,600 तक कैशबैक मिल सकता है। इसमें नियमित डिजिटल बिक्री पर अधिकतम ₹1,200 और निर्धारित थोक डिजिटल खरीद पर ₹400 तक का कैशबैक शामिल हो सकता है।
4. ₹30,000 तक UPI-linked RuPay Credit Card
दूसरे चरण का ऋण सफलतापूर्वक चुकाने वाले पात्र लाभार्थियों को UPI से जुड़ा RuPay Credit Card दिया जा सकता है। इसकी क्रेडिट सीमा ₹30,000 तक हो सकती है। यह सुविधा अचानक सामने आने वाली छोटी कारोबारी या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए उपलब्ध क्रेडिट का इस्तेमाल करने में सहायता कर सकती है।
5. अगली बार अधिक राशि का ऋण
पहला लोन समय पर चुकाने पर दूसरा और दूसरा लोन सफलतापूर्वक चुकाने पर तीसरे चरण के लिए आवेदन किया जा सकता है। इससे लाभार्थी धीरे-धीरे अपना औपचारिक क्रेडिट रिकॉर्ड बना सकता है।
6. प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता
योजना में वेंडर्स को वित्तीय साक्षरता, डिजिटल भुगतान, मार्केटिंग और उद्यमिता से जुड़ा प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया गया है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए FSSAI के सहयोग से भोजन सुरक्षा और स्वच्छता प्रशिक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
7. दूसरी सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
SVANidhi se Samriddhi कार्यक्रम के माध्यम से लाभार्थी परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग की जाती है और पात्रता के अनुसार उन्हें आठ चयनित केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
PM SVANidhi Loan के लिए जरूरी दस्तावेज
आवश्यक दस्तावेज आवेदक की स्थिति, स्थानीय निकाय और चयनित बैंक के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्यतः निम्न जानकारी तैयार रखनी चाहिए:
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर
- बैंक खाता और बैंक पासबुक
- Certificate of Vending या Vendor Identity Card
- Letter of Recommendation, जहां लागू हो
- हाल की पासपोर्ट आकार की फोटो
- वेंडिंग गतिविधि से संबंधित प्रमाण
- सही पता और स्थानीय निकाय का विवरण
- पिछले PM SVANidhi Loan की जानकारी, यदि अगले चरण के लिए आवेदन कर रहे हैं
बैंक KYC और ऋण सत्यापन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकता है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित बैंक या Urban Local Body से दस्तावेजों की अंतिम सूची जरूर जांचें।
PM SVANidhi Yojana Online Apply कैसे करें?
चरण 1: पात्रता की जांच करें
देखें कि आपका नाम स्थानीय निकाय के स्ट्रीट वेंडर सर्वे में दर्ज है या नहीं। आपके पास Certificate of Vending, Vendor ID अथवा Letter of Recommendation होना चाहिए। इनमें से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर नगर निगम, नगर पालिका, Town Vending Committee या संबंधित ULB से संपर्क करें।
चरण 2: मोबाइल और बैंक खाता तैयार रखें
आवेदन के लिए सक्रिय मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी जरूरी होगी। बैंक खाते, आधार और आवेदन में नाम की वर्तनी समान रखना बेहतर है।
चरण 3: आधिकारिक माध्यम से आवेदन करें
वैध CoV या LoR वाला स्ट्रीट वेंडर निम्न माध्यमों से आवेदन कर सकता है:
- PM SVANidhi के आधिकारिक पोर्टल से
- सरकारी PM SVANidhi मोबाइल ऐप से
- Urban Local Body की सहायता से
- अधिकृत बैंक या बैंकिंग प्रतिनिधि के माध्यम से
सरकार के अनुसार पात्र वेंडर पोर्टल, मोबाइल ऐप या ULB की सहायता से आवेदन कर सकते हैं।
चरण 4: मोबाइल नंबर सत्यापित करें
मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
चरण 5: व्यक्तिगत और व्यवसायिक जानकारी भरें
आवेदन में अपना नाम, आधार विवरण, पता, बैंक खाता, वेंडिंग स्थान और व्यवसाय से संबंधित जानकारी सावधानी से भरें।
चरण 6: CoV या LoR का विवरण दें
अपने Certificate of Vending, Vendor ID या Letter of Recommendation से संबंधित जानकारी दर्ज करें। जहां जरूरी हो, दस्तावेज की स्पष्ट प्रति अपलोड करें।
चरण 7: ऋणदाता संस्था चुनें
उपलब्ध विकल्पों में से बैंक या अन्य पात्र ऋणदाता चुनें। आवेदन उसी संस्था के पास जांच और मंजूरी के लिए जाएगा।
चरण 8: आवेदन संख्या सुरक्षित रखें
फॉर्म जमा करने के बाद मिलने वाली Application ID या Registration Number का स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखें।
चरण 9: आवेदन की स्थिति जांचें
पोर्टल या मोबाइल ऐप पर आवेदन नंबर और मोबाइल के माध्यम से स्टेटस देखा जा सकता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जरूरी सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी होने पर ऋण की औसत प्रोसेसिंग अवधि लगभग 23 दिन बताई गई है। वास्तविक समय स्थानीय निकाय और ऋणदाता के अनुसार कम या अधिक हो सकता है।
आवेदन अस्वीकार या लंबित क्यों हो सकता है?
PM SVANidhi Loan का आवेदन निम्न कारणों से अटक सकता है:
- आधार और बैंक खाते में अलग-अलग नाम होना
- गलत बैंक खाता या IFSC दर्ज करना
- निष्क्रिय या गलत मोबाइल नंबर
- CoV या LoR का रिकॉर्ड नहीं मिलना
- दस्तावेजों का अस्पष्ट होना
- स्थानीय निकाय से सत्यापन पूरा न होना
- पिछले ऋण की किस्त लंबित होना
- डुप्लिकेट आवेदन करना
- आवेदक का पात्र स्ट्रीट वेंडर के रूप में सत्यापित न होना
आवेदन लंबित होने पर Application ID लेकर संबंधित Urban Local Body और चुनी गई बैंक शाखा से संपर्क करें।
महिलाओं को PM SVANidhi Loan मिल सकता है?
हाँ, पात्र महिला स्ट्रीट वेंडर्स भी योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। फल-सब्जी, फूल, कपड़े, चाय-नाश्ता, स्ट्रीट फूड, घरेलू सामान या दूसरी पात्र वस्तुएं बेचने वाली महिलाएं निर्धारित दस्तावेजों और सत्यापन के आधार पर आवेदन कर सकती हैं। 30 मई 2026 तक उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार PM SVANidhi के लगभग 46 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं थीं। और योजना देखने के लिए यहाँ क्लिक करे
लोन समय पर न चुकाने पर क्या होगा?
PM SVANidhi के अंतर्गत मिलने वाली राशि सरकारी अनुदान नहीं, बल्कि बैंक ऋण है। किस्तें समय पर न चुकाने पर:
- ब्याज सब्सिडी प्रभावित हो सकती है
- अगले चरण के ऋण की पात्रता रुक सकती है
- क्रेडिट रिकॉर्ड खराब हो सकता है
- बैंक लागू नियमों के अनुसार वसूली की कार्रवाई कर सकता है
पुराने लेखों में यह दावा मिलता है कि लोन न चुकाने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह जानकारी भ्रामक है। ऋण सीधे वित्तीय संस्थाएं देती हैं और डिफॉल्ट की स्थिति में कार्रवाई संबंधित ऋणदाता के नियमों के अनुसार की जाती है।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
- “तुरंत ₹50,000 दिलाने” वाले एजेंट पर विश्वास न करें।
- पहली बार आवेदन करने वाले को सीधे तीसरा ऋण नहीं मिलता।
- किसी को अपना OTP, UPI PIN या ATM PIN न बताएं।
- आवेदन केवल सरकारी पोर्टल, ऐप, ULB या अधिकृत बैंक के माध्यम से करें।
- किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे पढ़ें।
- बैंक से ब्याज दर, किस्त और भुगतान अवधि लिखित रूप में लें।
- लोन माफ होने की अफवाह पर विश्वास न करें।
- PM SVANidhi की अब तक की उपलब्धियां
30 मई 2026 तक 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स ने योजना के अंतर्गत 1.12 करोड़ से अधिक ऋण प्राप्त किए थे। वितरित ऋण की कुल राशि ₹17,800 करोड़ से अधिक थी। 55 लाख से अधिक वेंडर्स को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया और उन्होंने 841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए। लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक के माध्यम से लगभग ₹800 करोड़ का लाभ भी मिला। सरकारी प्रभाव आकलन के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत लाभार्थियों को इस योजना के माध्यम से पहली बार औपचारिक संस्थागत ऋण मिला। लाभार्थियों की औसत वार्षिक आय में करीब 20 प्रतिशत वृद्धि भी दर्ज की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पहली बार में ₹50,000 का लोन मिल सकता है?
नहीं। पहली बार पात्र आवेदक को अधिकतम ₹15,000 तक का प्रथम ऋण मिलता है। पिछले चरणों का सफल भुगतान करने के बाद ₹25,000 और ₹50,000 तक के अगले ऋण मिल सकते हैं।
क्या यह ब्याज-मुक्त लोन है?
नहीं। बैंक ऋण पर ब्याज लगाता है। समय पर भुगतान करने वाले पात्र लाभार्थी को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
क्या जमीन या मकान गिरवी रखना पड़ेगा?
नहीं। यह बिना संपार्श्विक गारंटी वाला कार्यशील पूंजी ऋण है।
क्या ग्रामीण क्षेत्र का व्यक्ति आवेदन कर सकता है?
योजना स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है और इसका विस्तार जनगणना नगरों तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक चरणबद्ध रूप से हो रहा है। अपने क्षेत्र की पात्रता की जानकारी संबंधित Urban Local Body से लें।
क्या समय से पहले लोन चुकाया जा सकता है?
हाँ। समय पर या जल्दी भुगतान को योजना में प्रोत्साहित किया गया है और इससे अगले ऋण चरण की पात्रता बन सकती है।
क्या पुरुष और महिलाएं दोनों आवेदन कर सकते हैं?
हाँ। पात्रता पूरी करने वाले पुरुष और महिला दोनों स्ट्रीट वेंडर्स आवेदन कर सकते हैं।
PM SVANidhi योजना कब तक चलेगी?
पुनर्गठित योजना की ऋण-वितरण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।
निष्कर्ष
PM SVANidhi Yojana उन मेहनतकश लोगों के लिए एक उपयोगी अवसर है जो छोटी पूंजी से अपना कारोबार चलाते हैं, लेकिन सामान्य बैंकिंग व्यवस्था से ऋण लेने में परेशानी महसूस करते हैं। ₹15,000 से शुरू होकर ₹50,000 तक पहुंचने वाली यह ऋण व्यवस्था स्ट्रीट वेंडर्स को धीरे-धीरे अपना काम बढ़ाने और औपचारिक क्रेडिट रिकॉर्ड बनाने का मौका देती है। डिजिटल भुगतान, ब्याज सब्सिडी और RuPay Credit Card जैसी सुविधाएं इसे केवल एक लोन योजना नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने वाली पहल बनाती हैं। लोन लेने से पहले अपनी भुगतान क्षमता जरूर देखें। राशि का उपयोग व्यवसाय में करें और किस्तें समय पर चुकाएं। आपके आसपास कोई रेहड़ी-पटरी वाला, फेरीवाला, मोची, नाई, धोबी या छोटा स्ट्रीट वेंडर है, तो यह जानकारी उसके साथ जरूर साझा करें। आपकी एक शेयर की गई जानकारी किसी मेहनतकश व्यक्ति को महंगे निजी कर्ज से बचा सकती है।
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