जानते हैं लाल किले का इतिहास Red Fort History In Hindi
हिंदुस्तान (India) की राजधानी दिल्ली में बना लाल किला देश की शान और देश की स्वतंत्रा का प्रतीक है। दिल्ली का लाल किला का यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह लाल पत्थरों से बना | लाल किला के सौंदर्य, भव्यता और आर्कषण को देखने दुनिया के कोने-कोने से लोग आते हैं और इसकी शाही बनावट और अनूठी वास्तुकला की प्रशंसा करते हैं। यह शाही किला मुगल बादशाहों का न सिर्फ राजनीतिक केन्द्र है बल्कि यह औपचारिक केन्द्र भी हुआ करता था, जिस पर करीब 200 सालों तक मुगल वंश के शासकों का राज रहा। मुगल काल में बना ये ऐतिहासक स्मारक विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल है और भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।
लाल किला दुनिया के सबसे श्रेष्ठ और भव्य किलों में से एक है, जिसे साहित्य और कला के प्रेमी रहे मुगल शासक शाहजहां द्धारा बनवाया गया था।
लाल किले (Red fort) के परिसर के अंदर बगीचा, दीवारें,महल आदि को बेहद सोच समझकर और खास तरीके से बनाया गया है, जिसमें देश के अलग-अलग संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
हिंदुस्तान की ऐतिहासिक विरासत – लाल किला – Red Fort History In Hindi
राजधानी दिल्ली में स्थित भारतीय और मुगल वास्तुशैली से बने इस भव्य ऐतिहासिक कलाकृति का निर्माण पांचवे मुगल शासक शाहजहां ने करवाया था।
यह शानदार किला दिल्ली के केन्द्र में यमुना नदी के तट पर स्थित है, जो कि तीनों तरफ से यमुना नदीं से घिरा हुआ है, जिसके अद्भुत सौंदर्य और आर्कषण को देखते ही बनता है। विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल दुनिया के इस सर्वश्रेष्ठ किले के निर्माण काम की शुरुआत मुगल सम्राट शाहजहां द्धारा 1638 ईसवी में करवाई गई थी।
भारत के इस भव्य लाल किले का निर्माण काम 1648 ईसवी तक करीब 10 साल तक चला। मुगल बादशाह शाहजहां के द्धारा बनवाई गई सभी इमारतों का अपना-अपना अलग-अलग ऐतिहासिक महत्व है।
जब कि उनके द्धारा बनवाया गया ताजमहल को उसके सुंदर और आर्कषण की वजह से जिस तरह दुनिया के सात अजूबों में शुमार किया गया है, उसी तरह दिल्ली के लाल किला को विश्व भर में शोहरत और नाम मिला हैं।
इस ऐतिहासिक लाल किले (Red fort) के प्रति लोगों की सच्ची श्रद्धा और सम्मान है। बता दें कि शाहजहां, इस किले को उनके द्धारा बनवाए गए सभी किलों में बेहद आर्कषक और सुंदर बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने 1638 ईसवी में ही अपनी राजधानी आगरा को दिल्ली शिफ्ट कर लिया था, और फिर तल्लीनता से इस किले के निर्माण में ध्यान देकर इसे भव्य और आर्कषक रुप दिया था।
लाल किले ( Red fort ) बनने की वजह से भारत की राजधानी दिल्ली को शाहजहांनाबाद कहा जाता था, साथ ही यह शाहजहां के शासनकाल की रचनात्मकता का मिसाल माना जाता था |
लाल किले का मुख्य प्रवेश द्वार लाहौरी दरवाजे के जरिये है और महलों तक पहुंचने के लिए आप छत्तादार मार्ग से जा सकते हैं जिसके बगल में मेहराबी कमरे हैं। इन्हें ‘छत्ता चौक कहते थे। लाल किले के उत्कृष्ट कारीगर हमीद और अहमद थे। नौबत या नक्कार खाना महल क्षेत्र में प्रवेश द्वार पर स्थित है और इसका इस्तेमाल दिन में पांच बार संगीत बजाने के लिए किया जाता था। दीवान-ए-आम और मुमताज महलदीवाने आम यानी आम दर्शकों का हाल अगली इमारत है
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