भारत का राज्य सिक्किम, इतिहास और चीन की आपत्तियां:- SIKKIM State Of India

सन 1642 में सिक्किम वजूद में आया था। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अपने चरम पर  है सिक्किम में सीमा को लेकर दोनों देश आमने-सामने हैं। लेकिन ये तनाव नया नहीं है। आज़ादी के 28 साल बाद भारत के राज्य के रूप में सिक्किम के अस्तित्व में आने के बाद से चीन (China) की मंशा पर सवाल उठते रहे हैं। यहां तक कि चीन ने सिक्किम के भारत में विलय का भी विरोध किया था। सिक्किम को लेकर चीन का भारत से विवाद क्यों हैं, इसे जानने से पहले सिक्किम का इतिहास (History) जानना भी जरूरी है।

सन 1642 में सिक्किम वजूद में आया था ,जब फुन्कोत्सोंग नामग्याल को सिक्किम का पहला चोग्याल (राजा) घोषित किया गया था। नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था। वहा पर ऐसे सिक्किम में राजतन्त्र की शुरूआत हुई थी। जिसके बाद नाम्ग्याल राजवंश ने 333 सालों तक Sikkim पर राज किया।

  • Sikkim 1975 में बना पूर्णराज्य:- भारत ने 1947 में स्वतंत्रा प्राप्त करी। तत्पशचात पूरे देश में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में अलग-अलग रियासतों का भारत में विलय किया गया। इसी क्रम में 6 अप्रैल, 1975 की सुबह सिक्किम के चोग्याल (King) को अपने राजमहल के गेट के बाहर भारतीय सैनिकों के ट्रकों की आवाज़ सुनाई दी। भारतीय सेना ने राजमहल को चारों तरफ़ से घेर रखा था। सेना ने राजमहल पर मौजूद 243 गार्डों को पर तुरंत काबू पा लिया और सिक्किम की आजादी का खात्मा हो गया। इसके बाद चोग्याल (राजा) को उनके महल में ही नज़रबंद कर दिया गया। इसके बाद सिक्किम में जनमत संग्रह कराया गया। जनमत संग्रह में 98 फीसदी लोगों ने भारत के साथ जाने की वकालत की। जिसके बाद सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने का संविधान संशोधन विधेयक 23 अप्रैल, 1975 को लोकसभा में पेश किया गया।
  • Sikkim विवाद की जड़ :- भारत और चीन के बीच कुल 3500 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है। सीमा विवाद को लेकर दोनों देश 1962 में युद्ध लड़ चुके हैं।लेकिन सीमा पर तनाव पर आज भी जारी है। यही वजह है कि अलग-अलग हिस्सों में अक्सर भारत-चीन के बीच सीमा विवाद उठता रहा है।अभी जो सीमा विवाद है, वो भारत-भूटान और चीन सीमा के मिलान बिन्दु से जुड़ा हुआ है। सिक्किम में भारतीय सीमा से सटी डोकलाम पठार है, जहां चीन सड़क निर्माण कराने पर आमादा है। चीन इस इलाके को अपना मानता है। मगर भारतीय सैनिकों ने पिछले दिनों चीन की इस कोशिश का विरोध किया था। डोकलाम पठार का कुछ हिस्सा भूटान में भी पड़ता है।भूटान ने भी चीन की इस कोशिश का विरोध किया।

Sikkim पर चीन का तर्क:-

सिक्किम में भारत के साथ सीमा का निर्धारण 127 साल पहले क्विंग साम्राज्य और ग्रेट ब्रिटेन के बीच हुई संधि-एंग्लो-चाइनीज कंवेंशन ऑफ 1890, पर आधारित था। लू ने कहा,’चीन और भारत की सभी सरकारें ये स्वीकार करती हैं कि सिक्किम खंड का सीमा-निर्धारण हो चुका है।

चीन को सताने लगा व्यापार में घाटे का डर

भारत में काम कर रही चीनी कंपनियों को चेताया (warn) गया है कि सरहद पर बढ़ते तनाव के नज़र चीनी वस्तुओं का बहिष्कार होने की संभावना है। चीनी मीडिया ने एक लेख में कहा है कि भारत के लोग अपने देश की संप्रभुता को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, ऐसे में चीनी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।


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